टी20 विश्व चैंपियन भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम का इस तरह क्लीन स्वीप होना क्रिकेट जगत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस हार के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन, टीम संयोजन और हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
यह गौतम गंभीर के कोचिंग कार्यकाल में तीसरा मौका है, जब भारतीय टीम किसी द्विपक्षीय सीरीज में पूरी तरह पिछड़ती नजर आई। ऐसे में आगामी इंग्लैंड दौरे से पहले टीम पर दबाव और बढ़ गया है।
लगातार तीसरी बड़ी नाकामी
भारत इससे पहले घरेलू टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-0 से हार चुका है। हालांकि वे टेस्ट मुकाबले थे और सामने मजबूत टीमें थीं, लेकिन टी20 फॉर्मेट में आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम से सीरीज गंवाना ज्यादा चौंकाने वाला माना जा रहा है।
सीरीज शुरू होने से पहले आयरलैंड आईसीसी टी20 रैंकिंग में 12वें स्थान पर था, जबकि भारत लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने के बाद इस प्रारूप की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता है।
आखिर क्यों हार गई टीम इंडिया?
1. लगातार क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों पर पड़ा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर का असर खिलाड़ियों की फिटनेस और मानसिक ताजगी पर साफ दिखाई दिया। टी20 विश्व कप जीतने के बाद खिलाड़ियों ने तुरंत आईपीएल खेला, फिर अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज में हिस्सा लिया। इसके बाद कई खिलाड़ी भारत-ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भी व्यस्त रहे। लगातार क्रिकेट खेलने से टीम पूरी तरह तरोताजा नजर नहीं आई।
2. बेलफास्ट की परिस्थितियों ने बढ़ाई मुश्किल
भारत और श्रीलंका की गर्म जलवायु से सीधे बेलफास्ट की ठंडी और तेज गेंदबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में पहुंचना भी टीम के लिए चुनौती बना। सीम और स्विंग लेने वाली पिचों पर भारतीय बल्लेबाज सहज नहीं दिखे और विदेशी हालात में तालमेल बैठाने में संघर्ष करते नजर आए।
3. नई कप्तानी का भी दिखा असर
इस सीरीज में श्रेयस अय्यर पहली बार टी20 टीम की कप्तानी कर रहे थे। किसी नए कप्तान के साथ टीम को रणनीति और निर्णय प्रक्रिया के अनुरूप ढलने में समय लगता है। मैदान पर कई मौकों पर तालमेल की कमी भी दिखाई दी।
बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी चिंता
भारतीय बल्लेबाजी इस सीरीज में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। संजू सैमसन, ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर जैसे अनुभवी बल्लेबाज दोनों मुकाबलों में बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे।
दूसरे टी20 मुकाबले में भारत को 156 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन टीम 153/9 तक ही पहुंच सकी और सिर्फ एक रन से मुकाबला हार गई। वहीं पहले मैच में भी भारतीय टीम को 34 रन से हार झेलनी पड़ी थी।
अब इंग्लैंड सीरीज पर टिकी निगाहें
आयरलैंड दौरे की निराशाजनक हार के बाद अब भारतीय टीम के सामने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज की चुनौती है। इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना टीम और कोच गौतम गंभीर दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यदि यहां भी टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है, तो आलोचना और चयन को लेकर बहस तेज हो सकती है।