सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली। सोमवार, 29 जून को अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया, जिसके चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम फिसल गए। ऐसे में निवेशकों और खरीदारी की योजना बना रहे लोगों की नजरें बाजार की अगली चाल पर टिकी हुई हैं।
वैश्विक बाजार के दबाव से टूटी कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई, जबकि चांदी में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और निवेशकों की बदलती रणनीति के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
MCX पर भी दिखी गिरावट
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कारोबारी सत्र की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सोना अपने पिछले बंद भाव से नीचे कारोबार करता नजर आया। वहीं चांदी में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला और इसके दाम लाल निशान में खुले।
खरीदारी का बन सकता है अच्छा मौका
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी की मौजूदा गिरावट उन ग्राहकों के लिए बेहतर अवसर साबित हो सकती है, जो लंबे समय से कीमतों में नरमी का इंतजार कर रहे थे। हालांकि निवेश से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
किन कारणों से आगे बदल सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां, ब्याज दरों से जुड़े फैसले और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार के रुझान को समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर
फिलहाल सर्राफा बाजार में कमजोरी का माहौल बना हुआ है, लेकिन लंबी अवधि के निवेश की सोच रखने वाले लोगों के लिए यह गिरावट एक संभावित अवसर भी मानी जा रही है। अब बाजार की नजर अगले कारोबारी सत्रों और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर रहेगी, जो सोना और चांदी की आगे की दिशा तय करेंगे।