रायपुर के चर्चित नाव्या मलिक ड्रग्स केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। एजेंसी ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े कथित मनी ट्रेल, आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जांच करेगी। जानकारी के अनुसार, ED ने रायपुर पुलिस से चार्जशीट और जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।
पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, इस मामले में शहर के कुछ कारोबारी, इवेंट आयोजक और कई हाई-प्रोफाइल लोगों के संपर्कों की भी जांच हुई है। वहीं, कुछ नामों से पूछताछ किए जाने का उल्लेख है, हालांकि सभी को आरोपी नहीं बनाया गया है।
कैसे सामने आया नाव्या मलिक का नाम?
पुलिस जांच के मुताबिक, मई 2025 में ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कुछ आरोपियों से पूछताछ के दौरान नाव्या मलिक का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह कथित तौर पर हाई-प्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।
दिल्ली से आती थी कथित ड्रग्स की खेप
चार्जशीट के अनुसार, कथित ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क दिल्ली से संचालित होता था। जांच में यह दावा किया गया है कि दिल्ली का एक सप्लायर रायपुर तक ड्रग्स पहुंचाता था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के आधार पर कई बार ड्रग्स की डिलीवरी किए जाने की बात सामने आई है।
कारोबारी और इवेंट आयोजकों से जुड़े संपर्क
पुलिस की जांच में दावा किया गया है कि नाव्या मलिक के संपर्क केवल कथित ड्रग्स तस्करों तक सीमित नहीं थे, बल्कि शहर के कुछ कारोबारियों और इवेंट आयोजकों से भी उसके संबंधों की जांच की गई। चार्जशीट में कई व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, जिनसे पुलिस ने पूछताछ की। हालांकि, सभी को आरोपी नहीं बनाया गया है।
टेक्नो पार्टियों के जरिए सप्लाई का आरोप
चार्जशीट के अनुसार, रायपुर के कुछ होटल, पब और रिसॉर्ट में आयोजित टेक्नो पार्टियों के दौरान कथित तौर पर ड्रग्स सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। जांच में दावा किया गया है कि कुछ आयोजनों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया गया।
टेक्नो पार्टी क्या होती है?
टेक्नो पार्टी इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक (EDM) पर आधारित मनोरंजन कार्यक्रम होती है, जहां डीजे परफॉर्मेंस और देर रात तक म्यूजिक इवेंट आयोजित किए जाते हैं। ऐसे आयोजन अपने आप में गैरकानूनी नहीं होते, लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि कुछ मामलों में इनकी आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित होने के आरोप सामने आए हैं।
मंगेतर की सूचना से खुला मामला
चार्जशीट में उल्लेख है कि नाव्या मलिक के मंगेतर अयान परवेज ने कथित रूप से पुलिस को ड्रग्स की खेप आने की सूचना दी थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने का दावा किया गया। पुलिस का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान अयान की भूमिका की भी पड़ताल की गई।
अब ED करेगी मनी ट्रेल की जांच
अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में कथित आर्थिक लेन-देन, फंडिंग और ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच करेगा। एजेंसी पुलिस द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
नोट: यह खबर पुलिस की चार्जशीट और जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।