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Amarnath Yatra 2026: शिवभक्तों के नाम PM मोदी का भावुक संदेश, अमरनाथ यात्रियों से मांगे ये 5 बड़े संकल्प

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पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के शिवभक्तों और तीर्थयात्रियों के नाम विशेष संदेश जारी किया है। प्रधानमंत्री ने बाबा बर्फानी के दर्शन को श्रद्धालुओं के लिए परम सौभाग्य का अवसर बताते हुए सभी यात्रियों की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा की कामना की।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रथम पूजा संपन्न होने के साथ ही बाबा अमरनाथ के दिव्य दर्शनों की यात्रा का क्रम आगे बढ़ चुका है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग भाषा, खान-पान और परंपराओं से जुड़े लोग जब एक ही आस्था के साथ अमरनाथ यात्रा पर निकलते हैं तो यह भारत की विविधता में एकता की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।

अमरनाथ यात्रा को बताया भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी ने अमरनाथ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भव्य उत्सव बताया।

उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन की आस्था में एक साथ जुड़ते हैं। यह यात्रा सनातन परंपरा की शक्ति और भारतीय संस्कृति की एकता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा से जुड़े पांच महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने का भी आग्रह किया।

पहला संकल्प: यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं से अमरनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि हिमालय और अमरनाथ की पवित्र गुफाएं हमारी अनमोल प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं। ऐसे में यात्रियों की जिम्मेदारी है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का कचरा या प्लास्टिक इधर-उधर न फैलाएं।

प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण को अपनी धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

दूसरा संकल्प: मौसम और सुरक्षा नियमों को लेकर न बरतें लापरवाही

अमरनाथ यात्रा का मार्ग कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बदलते मौसम के लिए जाना जाता है। ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक बारिश, ठंड और मौसम में बदलाव यात्रियों के लिए चुनौती बन सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहिए और अपनी सुरक्षा के साथ अन्य यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए।

तीसरा संकल्प: ‘वोकल फॉर लोकल’ से स्थानीय कारोबार को दें मजबूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रियों से जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यात्रा के दौरान होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय दुकानदारों, हस्तशिल्प कारीगरों और स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करने का प्रयास करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों की आजीविका को मजबूती मिलेगी और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।

चौथा संकल्प: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ें

पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि आगामी रक्षाबंधन के अवसर पर प्रत्येक श्रद्धालु कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए।

प्रधानमंत्री ने पर्यावरण में हो रहे बदलावों को देखते हुए वृक्षारोपण को भविष्य की पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

पांचवां संकल्प: ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना रखें सर्वोपरि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में ‘राष्ट्र प्रथम’ यानी Nation First की भावना पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देशवासियों की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों की भावना होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने लोगों से देश की प्रगति और विकास में अपनी भूमिका निभाने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।

स्थानीय लोगों की सेवा और भाईचारे की पीएम मोदी ने की प्रशंसा

प्रधानमंत्री मोदी ने अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर स्थानीय मुस्लिम और हिंदू समुदाय के लोग मिलकर श्रद्धालुओं का स्वागत और सहयोग करते हैं। वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं लंगर और भंडारे के जरिए यात्रियों की सेवा करती हैं।

प्रधानमंत्री ने इसे भारतीय समाज की सेवा भावना और आपसी भाईचारे का उदाहरण बताया।

सुरक्षा बलों और सफाई कर्मचारियों के योगदान को सराहा

अमरनाथ यात्रा जैसे विशाल और चुनौतीपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में जुटे सुरक्षा बलों और अन्य कर्मचारियों के योगदान की भी प्रधानमंत्री ने प्रशंसा की।

उन्होंने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना, CRPF, ITBP, BSF और NDRF के जवानों के प्रयासों की सराहना की।

इसके अलावा डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वयंसेवकों और यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने वाले सफाई कर्मचारियों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा बर्फानी से देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हुए सभी श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए शुभकामनाएं दीं।

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