शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को पावर सेक्टर के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। केंद्र सरकार के एक फैसले के बाद बिजली उपकरण बनाने वाली कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ गया और कारोबार के दौरान कुछ स्टॉक्स में 2 से 8 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट संचालित करने वाली चीन से जुड़ी चार कंपनियों को महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं के सरकारी टेंडर में हिस्सा लेने की अनुमति दी है। इस फैसले के बाद निवेशकों के बीच घरेलू पावर इक्विपमेंट कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा बढ़ने की आशंका पैदा हुई और कई शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई।
CG Power और Hitachi Energy के शेयरों में तेज गिरावट
सरकार के फैसले का सबसे ज्यादा असर बिजली उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया।
कारोबार के दौरान Hitachi Energy का शेयर करीब 7.7 प्रतिशत गिरकर 31,180 रुपए के स्तर तक पहुंच गया। वहीं CG Power के शेयर में लगभग 6 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली और शेयर करीब 900.75 रुपए के आसपास कारोबार करता नजर आया।
निवेशकों की बिकवाली के कारण पावर इक्विपमेंट से जुड़े कई अन्य शेयरों पर भी दबाव बना रहा।
GE Vernova T&D का शेयर करीब 8% टूटा
मिडकैप शेयरों में GE Vernova T&D में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 7.8 प्रतिशत तक टूट गया।
वहीं Thermax के शेयर में लगभग 4 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। सरकारी कंपनी Bharat Heavy Electricals Limited यानी BHEL का शेयर भी करीब 2.4 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखाई दिया।
स्मॉलकैप कंपनियों में GE Power India के शेयर में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि TD Power Systems का शेयर करीब 4 प्रतिशत फिसल गया।
पावर सेक्टर के शेयरों में कमजोरी का असर Nifty Energy Index पर भी दिखाई दिया और इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत नीचे रहा।
इन 4 चीनी कंपनियों को मिली सरकारी टेंडर में एंट्री
रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त मंत्रालय के 24 जून के आदेश के तहत चार कंपनियों को सरकारी बिजली परियोजनाओं से जुड़े टेंडर में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई है।
इन कंपनियों में TBEA Energy, Nanjing Electric India, New Northeast Electric India और Takai Electric India शामिल हैं।
सरकार की ओर से दी गई यह छूट दो वर्षों के लिए बताई जा रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अनुमति को भविष्य में अन्य कंपनियों के लिए उदाहरण या मिसाल के रूप में नहीं माना जाएगा।
बिजली मंत्रालय ने जनवरी में की थी छूट की सिफारिश
रिपोर्ट के अनुसार बिजली मंत्रालय ने जनवरी में इन कंपनियों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति देने की सिफारिश की थी।
सरकार का मानना है कि भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही देश में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स का विस्तार भी हो रहा है।
ऐसे में बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने और नई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए ज्यादा कंपनियों की भागीदारी जरूरी हो सकती है।
घरेलू पावर कंपनियों के सामने बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा
हालांकि शेयर बाजार ने सरकार के इस फैसले को घरेलू बिजली उपकरण कंपनियों के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के संकेत के रूप में देखा है।
TBEA Energy अतिरिक्त हाई-वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर बनाने के कारोबार से जुड़ी है। वहीं Nanjing Electric हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट यानी HVDC परियोजनाओं के लिए इंसुलेटर और अन्य बिजली उपकरण तैयार करती है।
Takai Electric के पास 400/765 KV GIS उपकरणों के निर्माण से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बताई जाती है।
इन कंपनियों की सरकारी बिजली परियोजनाओं में भागीदारी बढ़ने से भारतीय पावर इक्विपमेंट कंपनियों के सामने कीमत और ऑर्डर हासिल करने को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
2020 के बाद चीनी कंपनियों पर सख्त हुए थे नियम
भारत और चीन के बीच वर्ष 2020 में सीमा पर हुए संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने पड़ोसी देशों से जुड़ी कंपनियों के सरकारी ठेकों में भाग लेने को लेकर सख्त नियम लागू किए थे।
इन नियमों के तहत चीन से जुड़ी कंपनियों को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में हिस्सा लेने से पहले सुरक्षा और संबंधित सरकारी मंजूरी प्राप्त करना जरूरी किया गया था।
अब चार कंपनियों को दी गई सीमित अवधि की छूट को बाजार घरेलू पावर इक्विपमेंट कंपनियों के लिए नई प्रतिस्पर्धी चुनौती के रूप में देख रहा है।
इसी आशंका के चलते शुक्रवार के कारोबार में CG Power, Hitachi Energy, GE Vernova T&D, Thermax और BHEL समेत कई पावर सेक्टर शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।