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छत्तीसगढ़ में सरकारी कार्यक्रमों में अब ‘देवभोग’ को प्राथमिकता: निजी ब्रांड की जगह दूध-दही से लेकर पनीर और घी तक सीधे खरीदे जाएंगे उत्पाद

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छत्तीसगढ़ में सरकारी बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य शासकीय आयोजनों में अब राज्य के देवभोग ब्रांड के दूध और दुग्ध उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्य सचिव कार्यालय के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को आदेश जारी किया है। नगरीय निकायों से कहा गया है कि सरकारी उपयोग में देवभोग ब्रांड के दुग्ध उत्पादों को प्राथमिकता देने से जुड़े निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

2 जुलाई को नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 2 जुलाई को इस संबंध में आदेश जारी किया है। विभाग ने नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के संचालक, राज्य शहरी विकास अभिकरण यानी SUDA, क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों और प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के आयुक्त तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों से मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी परिपत्र के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

इसके साथ ही आदेश की प्रति नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय, राज्य शहरी विकास अभिकरण और प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को भेजी गई है।

सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों में देवभोग उत्पादों का होगा उपयोग

सरकार के निर्देश के बाद विभिन्न सरकारी बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सम्मेलनों और अन्य शासकीय आयोजनों में देवभोग ब्रांड के दूध और दुग्ध उत्पादों के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जाएगी।

आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित द्वारा तैयार किए जाने वाले देवभोग ब्रांड के उत्पादों की सीधे खरीद की जाएगी।

इस फैसले के बाद सरकारी स्तर पर निजी डेयरी ब्रांड के बजाय राज्य के सहकारी दुग्ध महासंघ के उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

दूध ही नहीं, देवभोग के ये उत्पाद भी होंगे प्राथमिकता में

देवभोग ब्रांड केवल पैकेट दूध का उत्पादन नहीं करता, बल्कि कई प्रकार के डेयरी उत्पाद भी तैयार करता है।

इनमें टोंड दूध, स्टैंडर्ड दूध, फुल क्रीम दूध और डबल टोंड दूध शामिल हैं। इसके अलावा दही, लस्सी, छाछ, श्रीखंड, पनीर, मक्खन और घी जैसे उत्पाद भी देवभोग के पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं।

देवभोग खोवा यानी मावा, रबड़ी, फ्लेवर्ड मिल्क, मिल्क केक और पेड़ा जैसे दुग्ध उत्पाद भी तैयार करता है।

सरकारी आयोजनों में आवश्यकता के अनुसार इन उत्पादों की खरीद की जा सकेगी।

सहकारी दुग्ध क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में फैसला

सरकारी स्तर पर देवभोग उत्पादों को प्राथमिकता देने के फैसले को छत्तीसगढ़ के सहकारी दुग्ध क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकारी विभागों और नगरीय निकायों में देवभोग उत्पादों की मांग बढ़ने से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ को बड़ा संस्थागत बाजार मिल सकता है।

इससे देवभोग के दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की बिक्री बढ़ने की संभावना है।

स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को भी मिल सकता है फायदा

देवभोग ब्रांड से जुड़े दुग्ध उत्पादों की सरकारी स्तर पर मांग बढ़ने का अप्रत्यक्ष फायदा राज्य के स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों को भी मिल सकता है।

अगर संस्थागत स्तर पर दूध और दुग्ध उत्पादों की खपत बढ़ती है तो सहकारी दुग्ध महासंघ को ज्यादा मात्रा में दूध की आवश्यकता हो सकती है।

ऐसे में दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों और पशुपालकों के लिए भी नए अवसर पैदा होने की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को मुख्य सचिव कार्यालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। इसके बाद सरकारी बैठकों और आयोजनों में देवभोग ब्रांड के दूध और दुग्ध उत्पादों का उपयोग बढ़ने की उम्मीद है।

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