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सिगरेट पीने से जल्दी सफेद हो सकते हैं बाल: ये 7 वजहें भी जिम्मेदार, हेल्दी हेयर के लिए डाइट में शामिल करें ये 8 चीजें

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कम उम्र में बालों का सफेद होना आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। कई लोगों के बाल 20 से 30 साल की उम्र में ही सफेद या ग्रे दिखाई देने लगते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस स्थिति को ‘प्रीमैच्योर ग्रेइंग’ यानी समय से पहले बाल सफेद होना कहते हैं।

बालों का प्राकृतिक रंग मेलानिन नाम के पिगमेंट से तय होता है। उम्र बढ़ने के साथ बालों की जड़ों में मौजूद कोशिकाएं मेलानिन बनाना कम कर देती हैं। यही कारण है कि धीरे-धीरे बाल सफेद होने लगते हैं।

आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ बालों का सफेद होना सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन कम उम्र में तेजी से बाल सफेद होने के पीछे जेनेटिक्स, खराब लाइफस्टाइल, पोषक तत्वों की कमी और स्मोकिंग सहित कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

क्या है प्रीमैच्योर ग्रेइंग?

बालों के काले रंग के लिए मेलानिन पिगमेंट जिम्मेदार होता है। बालों की जड़ों में मौजूद मेलानोसाइट्स नाम की कोशिकाएं मेलानिन का निर्माण करती हैं।

उम्र बढ़ने के साथ इन कोशिकाओं की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके कारण बाल ग्रे और फिर सफेद दिखाई देने लगते हैं।

अगर बालों के सफेद होने की यह प्रक्रिया 20 से 30 साल की उम्र में ही शुरू हो जाए तो इसे प्रीमैच्योर ग्रेइंग कहा जाता है।

किस उम्र में बाल सफेद होना सामान्य माना जाता है?

अगर किसी व्यक्ति को कोई जेनेटिक या स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है तो आमतौर पर 30 से 40 साल की उम्र के बाद बालों में सफेदी दिखाई देना शुरू हो सकती है।

उम्र बढ़ने के साथ मेलानिन का उत्पादन कम होता जाता है। कई लोगों में 50 वर्ष की उम्र तक बालों का बड़ा हिस्सा ग्रे या सफेद हो सकता है।

हालांकि हर व्यक्ति में बाल सफेद होने की उम्र अलग-अलग हो सकती है।

कम उम्र में बाल सफेद होने की ये 7 वजहें हो सकती हैं

समय से पहले बाल सफेद होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण जेनेटिक्स यानी पारिवारिक इतिहास माना जाता है।

इसके अलावा शरीर में विटामिन और मिनरल की कमी, लंबे समय तक तनाव, स्मोकिंग, नींद की कमी, अनहेल्दी डाइट और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी प्रीमैच्योर ग्रेइंग का जोखिम बढ़ा सकती हैं।

अगर बाल अचानक तेजी से सफेद होने लगें तो इसके पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

सिगरेट पीने से क्यों जल्दी सफेद हो सकते हैं बाल?

स्मोकिंग केवल फेफड़ों और हृदय के लिए ही नुकसानदायक नहीं है, बल्कि इसका असर बालों की सेहत पर भी पड़ सकता है।

सिगरेट के धुएं में मौजूद हानिकारक तत्व शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं। इससे बालों की जड़ों में मौजूद मेलानिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है।

लगातार स्मोकिंग करने वाले लोगों में समय से पहले बाल सफेद होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए हेल्दी बालों के लिए स्मोकिंग से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है।

इन विटामिन और मिनरल्स की कमी से सफेद हो सकते हैं बाल

शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी बालों के रंग और सेहत को प्रभावित कर सकती है।

विटामिन B12, आयरन, कॉपर, जिंक और फोलिक एसिड की कमी बालों की जड़ों और मेलानिन उत्पादन पर असर डाल सकती है।

इसके अलावा पर्याप्त प्रोटीन न मिलने से बाल कमजोर और पतले हो सकते हैं।

अगर कम उम्र में बाल तेजी से सफेद हो रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह से जरूरी ब्लड टेस्ट कराए जा सकते हैं।

स्ट्रेस और एंग्जाइटी का बालों पर पड़ता है असर

लंबे समय तक तनाव और एंग्जाइटी रहने पर शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है।

इससे बालों की जड़ों में मौजूद मेलानिन बनाने वाली कोशिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। तनाव के कारण शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ सकता है, जिससे बालों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।

योग, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग जैसी गतिविधियां तनाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।

क्या ज्यादा धूप से भी सफेद हो सकते हैं बाल?

बहुत ज्यादा समय तक सूर्य की UV किरणों के संपर्क में रहने से बालों को नुकसान हो सकता है।

UV किरणें ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकती हैं और बालों की संरचना को प्रभावित कर सकती हैं।

हालांकि केवल धूप को प्रीमैच्योर ग्रेइंग की मुख्य वजह नहीं माना जाता। जेनेटिक्स, पोषण की कमी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं ज्यादा महत्वपूर्ण कारण हो सकती हैं।

खराब लाइफस्टाइल भी बढ़ा सकती है बाल सफेद होने का खतरा

अनियमित दिनचर्या और खराब जीवनशैली का असर बालों की सेहत पर भी दिखाई दे सकता है।

स्मोकिंग, पर्याप्त नींद न लेना, अनहेल्दी खाना, लगातार तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी बालों की सेहत को प्रभावित कर सकती है।

इसलिए हेल्दी बालों के लिए केवल हेयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय पूरी लाइफस्टाइल में सुधार करना जरूरी है।

इन बीमारियों के कारण भी समय से पहले सफेद हो सकते हैं बाल

कुछ स्वास्थ्य समस्याएं मेलानिन बनाने वाली कोशिकाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

थायरॉइड डिसऑर्डर, विटिलिगो और कुछ ऑटोइम्यून कंडीशन में बाल समय से पहले सफेद हो सकते हैं।

इसके अलावा कुछ दुर्लभ जेनेटिक समस्याओं के कारण भी कम उम्र में बालों का रंग बदल सकता है।

हेल्दी बालों के लिए डाइट में शामिल करें ये 8 चीजें

बालों को स्वस्थ रखने के लिए शरीर को पर्याप्त विटामिन, मिनरल और प्रोटीन मिलना जरूरी है।

डाइट में अंडे, दूध और डेयरी उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, नट्स और बीज, मछली तथा मौसमी फल शामिल किए जा सकते हैं।

इन खाद्य पदार्थों से शरीर को विटामिन B12, आयरन, कॉपर, जिंक, फोलेट और प्रोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं।

हालांकि किसी खास विटामिन या मिनरल की कमी होने पर सप्लीमेंट केवल डॉक्टर की सलाह से लेना चाहिए।

बालों को हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव

बालों की बेहतर सेहत के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। शरीर की रिकवरी और कोशिकाओं के सामान्य कामकाज में अच्छी नींद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग की जा सकती है। नियमित एक्सरसाइज शरीर में ब्लड फ्लो और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर रखने में मदद करती है।

इसके अलावा संतुलित डाइट लें और बार-बार हेयर डाई, ब्लीच तथा ज्यादा हीट स्टाइलिंग से बचें। सबसे महत्वपूर्ण बात, स्मोकिंग न करें।

क्या सफेद बाल दोबारा काले हो सकते हैं?

आमतौर पर जो बाल पूरी तरह सफेद हो चुके हैं, उनका प्राकृतिक रूप से दोबारा काला होना मुश्किल होता है।

हालांकि अगर बाल सफेद होने की वजह विटामिन B12 या आयरन की कमी अथवा थायरॉइड से जुड़ी समस्या है तो मूल कारण का इलाज होने पर कुछ मामलों में बालों के रंग में सुधार दिखाई दे सकता है।

इसलिए अचानक बाल सफेद होने पर सही कारण की पहचान जरूरी है।

क्या सफेद बाल उखाड़ने से और ज्यादा सफेद बाल निकलते हैं?

यह एक आम मिथक है कि एक सफेद बाल उखाड़ने से कई नए सफेद बाल निकल आते हैं।

एक हेयर फॉलिकल से सामान्य तौर पर एक ही बाल उगता है। इसलिए एक सफेद बाल उखाड़ने से आसपास कई सफेद बाल नहीं निकलते।

हालांकि बार-बार बाल उखाड़ने से हेयर फॉलिकल को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बाल पतले हो सकते हैं या उस जगह बाल उगना कम हो सकता है।

जेनेटिक्स भी है बाल जल्दी सफेद होने की बड़ी वजह

अगर माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के बाल कम उम्र में सफेद हुए हैं तो अगली पीढ़ी में भी प्रीमैच्योर ग्रेइंग का जोखिम बढ़ सकता है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति के बाल निश्चित रूप से जल्दी सफेद होंगे। डाइट, लाइफस्टाइल, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े कारक भी इसमें भूमिका निभाते हैं।

क्या हेयर कलर लगाने से बाल जल्दी सफेद होते हैं?

हेयर कलर सीधे तौर पर बालों की जड़ों में मेलानिन उत्पादन को बंद नहीं करता। इसलिए केवल हेयर कलर लगाने से बाल जल्दी सफेद होने की बात पूरी तरह सही नहीं मानी जाती।

हालांकि बार-बार और गलत तरीके से हेयर कलर, ब्लीच और तेज केमिकल वाले प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से बाल रूखे, कमजोर और डैमेज हो सकते हैं।

इन लक्षणों के साथ बाल सफेद हों तो डॉक्टर से करें संपर्क

अगर कम उम्र में अचानक बहुत तेजी से बाल सफेद होने लगें या इसके साथ बाल ज्यादा झड़ रहे हों तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

इसके अलावा लगातार थकान, कमजोरी, अचानक वजन बढ़ना या घटना, त्वचा पर सफेद धब्बे दिखाई देना और ठंड या गर्मी असामान्य रूप से ज्यादा लगना भी किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

अगर परिवार में थायरॉइड या ऑटोइम्यून बीमारी का इतिहास है तो भी डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी जाती है।

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