सोने और चांदी की कीमतों में इस हफ्ते जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। सोना एक सप्ताह के भीतर 6,471 रुपए महंगा होकर 1.46 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 25 जून को सोने का भाव करीब 1.40 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था।
चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी दर्ज की गई है। एक किलो चांदी का भाव 2.17 लाख रुपए से बढ़कर 2.34 लाख रुपए तक पहुंच गया। यानी महज एक हफ्ते में चांदी की कीमत 17,317 रुपए बढ़ी है।
बाजार जानकारों के मुताबिक, सोना और चांदी अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे कारोबार कर रहे थे। निचले स्तर पर निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।
अलग-अलग शहरों में क्यों अलग होते हैं सोने के भाव?
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा पर खर्च होता है। दूरी बढ़ने के साथ यह लागत भी बढ़ जाती है, जिसका असर सोने के भाव पर पड़ता है।
इसके अलावा, किसी शहर या राज्य में सोने की मांग और खरीदारी की मात्रा भी कीमतों को प्रभावित करती है। दक्षिण भारत में देश की कुल सोने की खपत का बड़ा हिस्सा है। यहां ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं।
स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन भी मांग और सप्लाई के आधार पर कीमतों को प्रभावित करते हैं। वहीं ज्वेलर्स ने पुराना स्टॉक किस कीमत पर खरीदा है, इसका असर भी ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
2026 में अब तक सोना ₹13,145 महंगा
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.46 लाख रुपए तक पहुंच गई है। इस तरह 2026 में अब तक सोना 13,145 रुपए महंगा हो चुका है।
वहीं, 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए था। अब इसकी कीमत 2.34 लाख रुपए के आसपास पहुंच गई है।
29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी बनाया था।
सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़कर 15% हुई
केंद्र सरकार ने मई 2026 में सोने और चांदी के आयात पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य विदेशी खरीद को कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले दबाव को घटाना है।
नई व्यवस्था के तहत सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस यानी AIDC लगाया गया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है।
इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% किया था।
विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए अब लाइसेंस जरूरी
सरकार ने सोने, चांदी और प्लेटिनम से बने गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में शामिल कर दिया है। इस फैसले का असर बाजार में कीमती धातुओं की सप्लाई पर भी देखने को मिल रहा है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी DGFT के नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब विदेश से सोने, चांदी या प्लेटिनम की ज्वेलरी मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या अनुमति लेनी होगी।
सरकार ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA के कथित गलत इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का जरूर रखें ध्यान
सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड खरीदना चाहिए। हॉलमार्क और HUID नंबर के जरिए सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है।
इसके अलावा, सोना खरीदने से पहले उस दिन का भाव जरूर क्रॉस चेक करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। ग्राहक इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन समेत विश्वसनीय स्रोतों से सोने के भाव की जानकारी ले सकते हैं।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
चांदी की शुद्धता जांचने के लिए कुछ सामान्य तरीके अपनाए जाते हैं। असली चांदी आमतौर पर चुंबक से नहीं चिपकती। चांदी पर बर्फ रखने से वह तेजी से पिघल सकती है क्योंकि सिल्वर गर्मी का अच्छा संवाहक है।
असली चांदी में सामान्य तौर पर तेज गंध नहीं होती। वहीं सफेद कपड़े से चांदी को रगड़ने पर काला निशान दिखाई देना सतह पर सिल्वर सल्फाइड बनने का संकेत हो सकता है। हालांकि, चांदी की शुद्धता की पक्की जांच के लिए हॉलमार्क और प्रमाणित ज्वेलर की मदद लेना बेहतर विकल्प है।