अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि मौजूदा हालात के बीच ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेताब है। उन्होंने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनई के अंतिम संस्कार का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान को ‘अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत’ दी है।
तेहरान में खमेनई के लिए उच्च स्तरीय अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। इसी बीच ट्रंप की टिप्पणी ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और कूटनीतिक बातचीत को एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
ईरान की अर्थव्यवस्था पर ट्रंप का निशाना
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर तीखी टिप्पणी की हो। इससे पहले CNBC को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने ईरान की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए थे।
ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान में महंगाई बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है और देश गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा था कि वहां मुद्रास्फीति 300 फीसदी तक पहुंच चुकी है और ईरान आर्थिक रूप से पैसा नहीं कमा पा रहा है।
ईरान को खाद्य सामग्री भेज सकता है अमेरिका
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ती है तो वॉशिंगटन ईरान को खाद्य सामग्री की आपूर्ति कर सकता है।
उन्होंने मक्का, गेहूं और सोयाबीन जैसी कृषि उपज का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका अपने किसानों के जरिए ईरान को खाद्य सामग्री उपलब्ध करा सकता है। ट्रंप ने जोर दिया कि यदि ऐसी कोई आपूर्ति होती है तो उसमें अमेरिकी किसानों की भूमिका प्रमुख होगी।
ट्रंप के बयान पर ईरान का तीखा पलटवार
डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने ट्रंप के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान की वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं समझ रहे हैं।
कलीबाफ ने अमेरिका को अपने घरेलू मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने अमेरिका में खाद्य सहायता पर निर्भर लाखों लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि वॉशिंगटन को पहले अपनी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम यानी SNAP को लेकर बहस जारी है। इस योजना को आमतौर पर ‘फूड स्टैम्प’ कार्यक्रम के नाम से भी जाना जाता है। रिपोर्ट्स में कार्यक्रम से जुड़े अरबों डॉलर के भुगतान में त्रुटियों की बात सामने आई है।
दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी
बयानबाजी और तनाव के बीच कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता जारी है। बातचीत में समुद्री सुरक्षा, वित्तीय मामलों और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, वार्ता में कुछ क्षेत्रों में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर अभी तक दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
परमाणु कार्यक्रम पर अभी नहीं बनी सहमति
खमेनई के अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में पूरी होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का अगला दौर शुरू होने की उम्मीद है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की दिशा में प्रगति का दावा किया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया बातचीत में परमाणु मुद्दा प्रमुख एजेंडे में शामिल नहीं था।
वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं पर वार्ता के अगले चरणों में चर्चा की जाएगी। इससे माना जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत फिलहाल शुरुआती दौर में है और आने वाले दिनों में परमाणु मुद्दा वार्ता का सबसे अहम विषय बन सकता है।