पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य संघर्ष और बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का आक्रामक और रणनीतिक बयान सामने आया है। तेहरान में आयोजित सम्मेलन ‘इमाम खामेनेई; द इटरनल लीडर ऑफ रेजिस्टेंस’ को आधिकारिक रूप से संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इजराइल और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच से तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि गाजा और लेबनान में अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन दुनिया की संस्थाएं इस तबाही पर मूकदर्शक बनी हुई हैं। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि यदि इस साम्राज्यवादी विस्तारवाद को समय रहते नहीं रोका गया, तो इसके वैश्विक परिणाम बेहद विनाशकारी होंगे।
अमेरिका पर लगाया इजराइल को खुला समर्थन देने का आरोप, कहा- वैज्ञानिकों की हो रही सुनियोजित हत्या
अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की भूमिका पर सीधे और गंभीर सवाल दागे। राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पश्चिम एशिया में इजराइल द्वारा की जा रही हर क्रूर सैन्य कार्रवाई और बमबारी को पर्दे के पीछे से अमेरिका का सैन्य और कूटनीतिक समर्थन हासिल है।
पेजेशकियन ने दावा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में सोची-समझी साजिश के तहत बड़े शिया बुद्धिजीवियों, शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों और समाज के प्रभावशाली चेहरों को निशाना बनाकर उनकी लक्षित हत्याएं की जा रही हैं, ताकि प्रतिरोध की आवाज को पूरी तरह कुचला जा सके।
मानवाधिकारों का दावा करने वाली संस्थाएं पूरी तरह विफल
वैश्विक मंचों की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की साख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये वैश्विक संस्थाएं दुनिया भर में मानवाधिकारों की रक्षा और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा का दावा तो करती हैं, लेकिन जब गाजा और लेबनान में हजारों मासूम बच्चों और नागरिकों का लहू बह रहा है, तब यही संस्थाएं पूरी तरह मूक और विफल साबित हो रही हैं।
पेजेशकियन ने दुनिया भर के शिया और सुन्नी मुस्लिम मुल्कों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की पुरजोर अपील की। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि इस्लामिक संप्रदायों और जातीय समूहों के भीतर का आपसी विभाजन ही बाहरी साम्राज्यवादी ताकतों को इस क्षेत्र में प्रवेश करने और अपनी सैन्य विसंगतियों के जरिए तनाव बढ़ाने का सीधा मौका देता है। यदि गाजा, लेबनान और फिलिस्तीन में चल रहे मानवीय संकट और विनाश को रोकना है, तो सभी इस्लामी देशों को एक साझा रोडमैप पर मिलकर काम करना होगा।
अयातुल्ला खामेनेई की मौत का जिक्र कर बोले राष्ट्रपति—उनका संदेश एकता और प्रतिरोध की सबसे बड़ी प्रेरणा
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने खामेनेई के चार दशकों के शासन और हाल ही में हुई उनकी मृत्यु को संपूर्ण इस्लामिक दुनिया के लिए एक बेहद दुखद घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा अयातुल्ला खामेनेई का मार्गदर्शन आज भी दुनिया भर में अन्याय के खिलाफ लड़ रहे लोगों को एक नई ऊर्जा प्रदान करता है। उनका संदेश हमेशा से इस्लामिक जगत की एकता, मानवीय गरिमा, स्वतंत्रता और अन्याय के खिलाफ अडिग प्रतिरोध के रूप में स्थापित रहा है, जो उनकी मृत्यु के बाद अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और वैश्विक रूप से प्रासंगिक होकर उभरा है।