बालोद में शनिवार रात से लगातार बारिश हो रही है। रविवार सुबह नया बस स्टैंड, शिकारीपारा, कुन्दरूपारा, आमापारा, गंजपारा और रेलवे स्टेशन कॉलोनी सहित कई वार्ड जलमग्न नजर आए। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हुई, जबकि कई स्थानों पर नालियों का पानी घरों तक पहुंच गया। रविवार सुबह भी बारिश जारी रहने से हालात और बिगड़ गए।
सबसे अधिक जलभराव नया बस स्टैंड और वार्ड क्रमांक-16 में देखने को मिला। बस स्टैंड परिसर में पानी भर जाने से यात्रियों और दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं वार्ड-16 में नालियों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण दो घरों में बारिश का पानी घुस गया, जबकि गलियों में भी पानी भर गया। शिकारीपारा, कुन्दरूपारा, आमापारा, गंजपारा और रेलवे स्टेशन कॉलोनी की कई सड़कें भी तालाब जैसी नजर आईं।
हर साल दोहराई जाती है समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान शहर में ऐसी ही स्थिति बनती है, लेकिन नगर पालिका अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाल सकी है। लोगों का आरोप है कि समय पर नालियों की सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण बारिश का पानी घंटों तक सड़कों और मोहल्लों में जमा रहता है। नागरिकों ने जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।
23 लाख की नाली स्वीकृत, लेकिन काम शुरू नहीं
शहर के सबसे बड़े जलभराव वाले क्षेत्र नया बस स्टैंड की समस्या दूर करने के लिए नेशनल हाईवे विभाग ने करीब 23 लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण को मंजूरी दी है। हालांकि अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। विभाग का कहना है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
पालिका अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष आमने-सामने
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने कहा कि शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं नेता प्रतिपक्ष कासीमुद्दीन कुरैशी ने आरोप लगाया कि नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण पहली ही बारिश में नगर पालिका की तैयारियों की पोल खुल गई है।
गुरुवार को भी बने थे ऐसे ही हालात
बता दें कि गुरुवार को करीब चार घंटे हुई तेज बारिश के दौरान भी शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया था। उस समय भी वार्ड-16 के दो घरों में पानी घुस गया था और नया बस स्टैंड सहित कई इलाकों की सड़कें पानी से भर गई थीं।