देश भर में मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए एक बड़ा और जरूरी अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण मानसून को नई ताकत मिली है।
इसकी वजह से अगले 24 से 48 घंटों के भीतर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के लिए चेतावनी जारी की है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में खूब झमाझम बारिश, आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी
उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाकों में मानसून का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ पानी बरसेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने 7 से 11 जुलाई के बीच यूपी में बारिश का दायरा और ज्यादा बढ़ने की बात कही है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
वहीं बिहार में भी कई जिलों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। बिहार में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी है क्योंकि इन दिनों बिजली गिरने का खतरा काफी अधिक है।
मध्य भारत में सबसे ज्यादा बारिश, उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्गों पर सतर्कता
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के इलाकों में मानसून की सक्रियता के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। दूसरी तरफ पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक लगातार बारिश के कारण पहाड़ टूटने, चट्टानें गिरने और सड़कें बंद होने का खतरा है।
प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम का ताजा अपडेट लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें क्योंकि संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने इस मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण तटीय राज्यों में तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में समंदर में भारी उफान आने की चेतावनी जारी की है।
मछुआरों को साफ तौर पर सलाह दी गई है कि वे 7 जुलाई तक समंदर के भीतर न जाएं। इसके अलावा झारखंड के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर सुरक्षित रहने और जरूरी न होने पर यात्रा टालने की अपील की है।