बलौदा बाजार। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच तुरतुरिया स्थित माता गढ़ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे करीब 250 श्रद्धालु अचानक संकट में घिर गए। तेज बारिश के कारण बालमदेही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे मंदिर तक पहुंचने और लौटने वाला मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया। नदी के उफान पर आने से श्रद्धालु पहाड़ी पर ही फंस गए और चारों ओर पानी भर जाने से हालात गंभीर हो गए।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, लौटने का रास्ता हुआ बंद
रविवार 5 जुलाई को बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता गढ़ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान लगातार बारिश के चलते बालमदेही नदी उफान पर आ गई। कुछ ही समय में नदी का पानी इतना बढ़ गया कि मुख्य मार्ग पूरी तरह डूब गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत सभी श्रद्धालु पहाड़ी पर फंस गए और सुरक्षित बाहर निकलना संभव नहीं रहा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही कसडोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। नदी का तेज बहाव देखते हुए पुलिस ने जोखिम उठाने के बजाय जंगल के वैकल्पिक मार्ग से श्रद्धालुओं को निकालने की योजना बनाई।
6 से 7 किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित निकाले गए श्रद्धालु
रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस जवानों ने श्रद्धालुओं को छोटे-छोटे समूहों में बांटा और लगभग 6 से 7 किलोमीटर लंबे दुर्गम जंगल के रास्ते पैदल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। पूरे अभियान में पुलिसकर्मी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का सहारा बने रहे और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
7 घंटे तक चला अभियान, सभी श्रद्धालु सुरक्षित
करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शाम तक सभी 250 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी श्रद्धालु को कोई चोट या अन्य नुकसान नहीं पहुंचा। सुरक्षित बाहर आने के बाद श्रद्धालुओं ने पुलिस और प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।