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उद्योग रोजगार अनुदान का नया नियम लागू : स्थानीय को नौकरी नहीं दी तो ब्याज सहित होगी वसूली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘छत्तीसगढ़ उद्योग रोजगार एवं प्रशिक्षण अनुदान नियम, जारी कर दिए हैं। 30 जून को जारी अधिसूचना के साथ ही रोजगार सृजन और प्रशिक्षण पर उद्योगों को अनुदान देने की पूरी प्रक्रिया, पात्रता, भुगतान और वसूली के नियम तय हो गए हैं।

नए नियमों के तहत अब केवल वही औद्योगिक इकाईयां अनुदान की पात्र होंगी, जो उत्पादन या सेवा गतिविधि शुरू करने के बाद राज्य सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराएंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उद्योगों को अनुदान लेने के लिए कर्मचारियों का ईपीएफओ में पंजीकरण अनिवार्य होगा।

स्थानीय लोगों को रोजगार देना होगा अनिवार्य
सरकार ने नियमों में स्थानीय युवाओं के रोजगार को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। उद्योगों को अनुदान की  दावा अवधि के दौरान उत्पादन जारी रखते हुए अकुशल श्रेणी में 100 प्रतिशत, कुशल श्रेणी में 70 प्रतिशत तथा प्रबंधकीय एवं प्रशासनिक श्रेणी में कम से कम 40 प्रतिशत रोजगार छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को देना अनिवार्य होगा। यही शर्त शपथ-पत्र के माध्यम से भी लागू रहेगी। नियमों में दिव्यांग, सेवानिवृत्त अग्निवीर, आत्मसमर्पित नक्सली तथा नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए भी विशेष रोजगार अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके लिए संबंधित श्रेणी का सक्षम प्राधिकारी से प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

पांच वर्ष तक रोजगार बनाए रखना होगा 
नियमों के अनुसार , उद्योगों को व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से पांच वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति की तारीख से पांच वर्ष (जो बाद में हो) तक स्थानीय लोगों को निर्धारित अनुपात में रोजगार देना होगा। यदि बाद में रोजगार घटने से निर्धारित प्रतिशत कम हो जाता है तो सरकार अनुदान राशि ब्याज सहित वापस ले सकेगी या अन्य देय अनुदानों से समायोजित कर सकेगी।

गलत जानकारी दी तो 12.5 प्रतिशत ब्याज सहित होगी वसूली 
सरकार ने अनुदान के दुरुपयोग पर भी सख्त प्रावधान किए हैं। यदि कोई उद्योग तथ्य छिपाकर या गलत जानकारी देकर अनुदान प्राप्त करता है तो पूरी राशि 12.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित वसूल की जाएगी। यह राशि भू-राजस्व बकाया की तरह वसूली जा सकेगी।

प्रशिक्षण अनुदान भी मिलेगा
सरकार उद्योगों को कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी सहायता देगी। प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति दो किस्तों में मिलेगी। पहली किस्त नियुक्ति के एक वर्ष बाद और दूसरी किस्त छह माह बाद दी जाएगी। दोनों किस्तों में औसत मासिक वेतन का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 7,500 रुपए (जो कम हो) तक भुगतान किया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन, समयसीमा भी तय
उद्योगों को सभी आवेदन ऑनलाइन करने होंगे। आवेदन के साथ मूल निवासी प्रमाण-पत्र, नियुक्ति आदेश, आधारकार्ड, ईपीएफओ पंजीयन, वेतन का सीए प्रमाणित विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना होंगे। दस्तावेजों में कमी मिलने पर 15 दिन के भीतर आवेदन वापस किया जाएगा और 60 दिन में कमी दूर नहीं होने पर आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा।

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