रायपुर – अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण मुर्गी दाना और विटामिन के दाम बढ़ने से अंडों की कीमत आसमान पर चली गई है। गर्मी के कारण उत्पादन भी कम हो गया। ऐसे में पोल्ट्री में जहां इस समय कीमत 6.55 रुपए है, वहीं चिल्हर में इसके दाम 7.50 से 8 रुपए हो गए हैं। अब मानसून का प्रारंभ हो गया है तो दाम कुछ कम होने की संभावना है। इसके पहले अंडों का कुवैत भेजा जाना बंद होने से दाम बहुत कम हो गए थे, लेकिन अब फिर से अंडे कुवैत भेजने के कारण दाम बढ़ गए हैं।
छत्तीसगढ़ की गिनती देश के अंडों का ज्यादा उत्पादन करने वाले राज्यों में होती है। अपने प्रदेश में रोज 80 लाख अंडों का उत्पादन होता है। इसमें से 45 से 50 फीसदी अंडे दूसरे राज्यों में जाते हैं, बाकी अंडों की खपत अपने राज्य में होती है। गर्मी के समय में जब खपत कम हो जाती है, तब बहुत परेशानी होती है। ऐसे में उत्पादन कम करना पड़ता है। गर्मी के कारण इस बार भी अब तक अंडों का उत्पादन रोज 20 लाख कम हो गया है। अब मानसून के प्रारंभ होने पर आगे चलकर उत्पादन बढ़ेगा।
मुर्गी दाना और विटामिन के दाम बढ़े
अंडों के दाम बढ़ने के पीछे का एक बड़ा कारण मुर्गी दाना और विटामिन के दाम बढ़ाना बताया जा रहा है। पोल्ट्री कारोबारियों के मुताबिक मुर्गियों को जो मक्का और कनकी का दाना दिया जाता है, उसके दाम बढ़ गए हैं। जहां मक्के का दाम 19 रुपए किलो से बढ़कर 26 रुपए किलो हो गया है, वहीं कनकी के दाम 16 रुपए से बढ़कर 23 रुपए हो गए हैं। जो विटामिन पहले 500 से 600 रुपए किलो मिलती थी, उसके दाम डबल होकर 11 से 12 सौ रुपए तक पहुंच गए हैं। यह विटामिन विदेशों से आती है। युद्ध के कारण इसके दाम बढ़े हैं।
मटेरियल के कारण दाम बढ़े
पोल्ट्री फार्म कारोबारी धनराज बैनर्जी ने बताया कि, मुर्गियों को खिलाए जाने वाले मुर्गी दाने और विटामिन के दाम बढ़ने के कारण अंडों की कीमत में इजाफा हुआ है। आने वाले समय में मानसून में दाम कुछ कम हो सकते हैं।