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छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर: भिलाई-रायपुर की सड़कें जलमग्न, घरों में घुसा पानी; 8 जिलों में रेड अलर्ट

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छत्तीसगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। बीते 48 घंटों से राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार झमाझम बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश के चलते कई शहरों की सड़कें पानी में डूब गई हैं, जबकि निचले इलाकों में घरों तक बारिश का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

रायपुर के टाटीबंध, डीडी नगर समेत कई रिहायशी इलाकों में गंभीर जलभराव देखने को मिला। कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया और वाहन चालकों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। खराब मौसम को देखते हुए 8 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 6 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भिलाई में सड़कें बनीं तालाब

लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर भिलाई के कई इलाकों में देखने को मिला। सुपेला कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर, तालपुरी और कैंप क्षेत्र की कई सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। सड़कों पर भारी जलभराव के कारण कई इलाके तालाब जैसे नजर आए।

दुर्ग, जगदलपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव सहित प्रदेश के दूसरे जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

रायपुर में 154.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज

रविवार सुबह 8:30 बजे तक रायपुर में 154.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस मानसून सीजन में राजधानी में यह चौथी बार भारी बारिश दर्ज की गई है।

लगातार बारिश के कारण रायपुर का अधिकतम तापमान गिरकर 26.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 5.9 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजधानी के अनुपम गार्डन और कोटा अंडरब्रिज में भी भारी जलभराव देखने को मिला। फाफाडीह अंडरब्रिज में पानी भरने के कारण एक ट्रक फंस गया। वहीं रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के शेड से बारिश का पानी तेज धार के साथ गिरता नजर आया।

नया रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन के सामने भी बारिश का पानी जमा हो गया।

बारिश के बीच दर्दनाक हादसा, दो बच्चों की मौत

गरियाबंद जिले के कोपरा में लगातार बारिश के बीच दर्दनाक हादसा हो गया। घर के बाहर खेल रहे 6 वर्षीय योगेश साहू और 5 वर्षीय सुमन साहू की पानी से भरे घुरवा गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।

बारिश के कारण गड्ढे में करीब 10 से 12 फीट तक पानी भर गया था। दोनों बच्चे गड्ढे में गिरने के बाद बाहर नहीं निकल सके।

आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत

बिलासपुर में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने की घटना में एक किसान की मौत हो गई। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।

नदी के बीच फंसे 14 मजदूरों का रेस्क्यू

गरियाबंद जिले में बगनई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 14 मजदूर नदी के बीच फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।

रेस्क्यू टीम ने अभियान चलाकर सभी 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं बलौदाबाजार की बालमदेही नदी में बाढ़ के बीच फंसे श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित निकाला गया।

प्रदेश में अब भी औसत से 33 प्रतिशत कम बारिश

लगातार हो रही बारिश के बावजूद छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन का कुल बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से कम है।

आंकड़ों के मुताबिक 5 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य रूप से 247.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 167.2 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत से करीब 33 प्रतिशत कम है।

हालांकि लगातार सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में बारिश की कमी की भरपाई होने की उम्मीद जताई जा रही है।

10 जिलों में बारिश सामान्य स्तर पर पहुंची

जुलाई की शुरुआत से लगातार हो रही बारिश के बाद प्रदेश के 10 जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य श्रेणी में पहुंच गया है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ और दंतेवाड़ा में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं 19 जिले अभी भी सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में हैं, जबकि दो जिलों में बेहद कम वर्षा दर्ज हुई है।

8 जुलाई तक भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक 8 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां मजबूत बनी रह सकती हैं। मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

रेड अलर्ट का अर्थ बेहद गंभीर मौसम की चेतावनी है, जिसमें भारी से अति भारी बारिश के कारण जान-माल के नुकसान की आशंका हो सकती है। ऑरेंज अलर्ट लोगों को खराब मौसम के लिए तैयार रहने का संकेत देता है, जबकि येलो अलर्ट मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने और सतर्क रहने की चेतावनी है।

लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए लोगों को नदी-नालों, पानी से भरे गड्ढों और जलमग्न अंडरब्रिज से दूर रहने की सलाह दी गई है।

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