पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का फीफा विश्व कप सफर खत्म हो गया है। स्पेन के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पुर्तगाल को 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद 41 साल के रोनाल्डो ने पुष्टि की कि यह उनके करियर का आखिरी विश्व कप था।
मैच खत्म होने के बाद रोनाल्डो बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने स्टेडियम में मौजूद फैंस का अभिवादन किया। इस दौरान उनकी आंखों में आंसू भी दिखाई दिए।
स्पेन ने आखिरी समय में किया गोल
अमेरिका के टेक्सस स्थित एटीएंडटी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। लंबे समय तक मैच गोलरहित रहा, लेकिन दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम के पहले मिनट में मिकेल मेरिनो ने गोल दागकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी।
पुर्तगाल वापसी नहीं कर सका और स्पेन ने मुकाबला जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। वहीं, पुर्तगाल का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।
रोनाल्डो बोले- मैंने अपना 100 फीसदी दिया
मैच के बाद रोनाल्डो ने कहा कि इस तरह विश्व कप से बाहर होना बेहद दुखद है। हालांकि उन्हें इस बात का संतोष है कि उन्होंने मैदान पर अपना पूरा दम लगाया।
रोनाल्डो ने कहा, “मैं दुखी हूं कि इस तरह विश्व कप छोड़ना पड़ रहा है। लेकिन मैंने अपना सब कुछ दिया और मेरी अंतरात्मा पूरी तरह साफ है। यही एक खिलाड़ी की जिंदगी है, हमें आगे बढ़ना पड़ता है।”
रोनाल्डो का था आखिरी विश्व कप
रोनाल्डो ने साफ कर दिया कि यह उनका आखिरी फीफा विश्व कप था। हालांकि पुर्तगाल की नेशनल टीम से संन्यास लेने को लेकर उन्होंने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं किया है।
रोनाल्डो ने कहा कि वह फिलहाल अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। इसके बाद ही अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भावनाओं में बहकर वह कोई बड़ा निर्णय नहीं लेना चाहते।
विश्व कप में रोनाल्डो के नाम कई बड़े रिकॉर्ड
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने विश्व कप में कुल 27 मुकाबले खेले। उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी हैं, जिन्होंने 30 विश्व कप मैच खेले हैं।
रोनाल्डो ने विश्व कप में कुल 11 गोल दागे। इसके साथ ही वह टूर्नामेंट के इतिहास में संयुक्त रूप से नौवें सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं।
इसके अलावा रोनाल्डो 6 अलग-अलग विश्व कप में गोल करने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं। इस विश्व कप में भी उन्होंने तीन गोल किए।
अधूरा रह गया विश्व कप जीतने का सपना
अपने शानदार करियर में कई बड़ी ट्रॉफियां जीतने वाले रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया। विश्व कप में पुर्तगाल के साथ उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2006 में सेमीफाइनल तक पहुंचना रही।
हालांकि रोनाल्डो ने पुर्तगाल को 2016 में यूरो कप और दो यूईएफए नेशंस लीग खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। रोनाल्डो पहले भी कह चुके हैं कि 2016 का यूरो कप खिताब उनके लिए विश्व कप जीतने जितना ही खास है।
कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने की रोनाल्डो की तारीफ
पुर्तगाल के मुख्य कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने भी रोनाल्डो की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रोनाल्डो सिर्फ गोल करने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि पूरी टीम के लिए प्रेरणा हैं।
मार्टिनेज के मुताबिक मैदान पर रोनाल्डो का समर्पण, नेतृत्व और फुटबॉल के प्रति जुनून हर खिलाड़ी के लिए एक मिसाल है। उन्होंने रोनाल्डो को पूरे 90 मिनट मैदान पर रखने के फैसले का भी बचाव किया।
स्पेन से मिली हार के साथ फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप अध्याय समाप्त हो गया। विश्व कप की ट्रॉफी भले ही उनके हाथ नहीं आई, लेकिन उनके रिकॉर्ड, उपलब्धियां और फुटबॉल के प्रति जुनून उन्हें हमेशा दुनिया के महान खिलाड़ियों में शामिल रखेंगे।