रायपुर। बारिश बंद होते ही उमस ने एक बार फिर लोगों को हलाकान करना शुरू कर दिया है। दिन से ज्यादा रात में गर्माहट होने की वजह से पुनः एसी का उपयोग शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि दो दिन बाद राज्य में एक बार फिर वर्षा की गतिविधि में इजाफा हो सकता है। बरसात बंद होने की वजह से सामान्य से कमी 21 फीसदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 252.4 मिमी.पानी बरसा है। अभी सक्रिय मानसून नहीं है। 14 जुलाई के बाद नया सिस्टम बनेगा, उसके बाद पता चलेगा कि बारिश होगी या नहीं, या कितनी होगी।
राज्य में जुलाई के महीने में एक दौर की बारिश हुई है, सामान्यतः माह के बीतने के दौरान कोटा पूरा करने के लिए दो से तीन ताकतवर सिस्टम बनते हैं। माना जा रहा है कि राज्य में 14 जुलाई के आसपास बरसात की गतिविधि बढ़ सकती है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम राज्य के लिए कितना प्रभावशाली होगा यह आने वाले समय में पता चलेगा। राज्य में पिछले चार दिन से वर्षा में कमी आई है।
सरगुजा में 4 सेमी. बरसात, तो बाकी हिस्सों में उमसभरी गर्मी का टॉर्चर
पिछले चौबीस घंटे में तो सरगुजा संभाग में सर्वाधिक 4 सेमी. बारिश हुई है। मध्य इलाके में तो बूंदाबांदी की स्थिति भी नहीं बनी। यहां बादल छाए हुए हैं और वातावरण में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद है जो लोगों की असहजता का कारण बन गया है। दिन में 33-34 डिग्री के टेंप्रेचर के बीच उमसभरी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो शुक्र-शनि की दरम्यानी रात का तापमान सामान्य से ढाई से तीन डिग्री ज्यादा था जिसकी वजह से परेशानी कुछ ज्यादा ही महसूस हुई।
मानसून द्रोणिका मणिपुर तक
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर श्रीगंगानगर, रोहतक, शाहजहांपुर, मुजफ्फरपुर और उसके बाद पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर मणिपुर तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित है। पश्चिमी विक्षोभ पंजाब और उसके आसपास मौजूद है। एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम बिहार से मणिपुर तक विस्तारित है। मौसम में अगले चौबीस घंटे में बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।