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India-UK FTA Deal: भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू, व्हिस्की, ब्यूटी प्रोडक्ट्स से लेकर कार तक सब कुछ होगा सस्ता

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भारत और यूनाइटेड किंगडम के आर्थिक और व्यावसायिक इतिहास में आज का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। दोनों महाशक्तियों के बीच लंबे समय से चली आ रही बातचीत और वार्ताओं के बाद आखिरकार बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बुधवार से आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गया है। इस महा-डील के धरातल पर उतरने के साथ ही भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाले आयात-निर्यात पर भारी टैरिफ कटौती देखने को मिलेगी।

इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभावी होने का सबसे सीधा और बड़ा फायदा आम उपभोक्ताओं और शौकीनों को मिलने वाला है, क्योंकि ब्रिटेन से आने वाली वर्ल्ड क्लास स्कॉच-व्हिस्की, प्रीमियम ब्यूटी प्रोडक्ट्स और दुनिया की सबसे महंगी व प्रतिष्ठित लग्जरी कारों की कीमतों में भारी गिरावट आने जा रही है।

​110 फीसदी तक घट जाएंगे स्कॉच-व्हिस्की के दाम; किस्तों में घटकर महज 40% पर लाया जाएगा टैक्स का ग्राफ
​विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा इस एफटीए को लेकर जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, इस समझौते से सबसे बड़ा मुनाफा ब्रिटेन के स्कॉच व्हिस्की बिजनेस को होने वाला है। वर्तमान व्यवस्था की बात करें तो भारत में आयात होने वाली विदेशी स्कॉच व्हिस्की पर करीब 150 फीसदी का भारी-भरकम टैरिफ लगाया जाता रहा है, जिसके कारण भारतीय बाजारों में इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती थी।

लेकिन अब इस ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने के बाद इस भारी ड्यूटी को कई किस्तों में कट करके अंतिम रूप से महज 40 फीसदी तक लाया जाएगा। इसका सीधा व्यावहारिक मतलब यह हुआ कि आने वाले दिनों में भारत के भीतर स्कॉच-व्हिस्की के दाम लगभग 110 फीसदी तक कम हो जाएंगे, जो इस इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी रिलैक्सिंग डील है।

​रोल्स रॉयस, जगुआार, लैंड रोवर और डिफेंडर जैसी कारें होंगी बजट में; ऑटोमोबाइल पर टैरिफ 100% से घटकर हुआ 10%
​लग्जरी और एसयूवी कारों के शौकीनों के लिए भी यह समझौता किसी बड़े सपने के सच होने जैसा है। एफटीए में तय की गई विशेष कोटा व्यवस्था के तहत अब ऑटोमोबाइल सेक्टर पर लगने वाले टैरिफ को 100 फीसदी से सीधे घटाकर सिर्फ 10 फीसदी कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप ब्रिटेन से भारत इम्पोर्ट होने वाली लैंड रोवर, जगुआार, रोल्स रॉयस, एस्टन मार्टिन और डिफेंडर जैसी आलीशान कारें बेहद सस्ती और आकर्षक कीमतों पर मिल सकेंगी।

नए नियमों के मुताबिक, पहले साल 20,000 कारों को कम ड्यूटी पर इम्पोर्ट करने की अनुमति दी गई है, जिसमें 3000cc से अधिक क्षमता वाली पेट्रोल और 2500cc से अधिक वाली डीजल की 10,000 कारें शामिल होंगी, जिन पर कस्टम ड्यूटी 110% से घटाकर 30% कर दी गई है। वहीं 1500cc से 3000cc तक की 5,000 कारों पर इम्पोर्ट ड्यूटी 66% से घटाकर 50% की गई है, जिसे आगामी 15 वर्षों में घटाकर मात्र 10% पर लाया जाएगा।

इसके अलावा महिलाओं के कॉस्मेटिक्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर लगने वाले 22% तक के टैरिफ को भी या तो तत्काल प्रभाव से या फिर अधिकतम 10 वर्षों की अवधि के भीतर पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

​भारत के सामान भी यूके के बाजारों में होंगे पूरी तरह ‘ड्यूटी फ्री’; ब्रिटिश इकोनॉमी को मिलेगा 4.8 अरब पाउंड का बूस्ट
यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय निर्यातकों और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा ‘विन-विन सिचुएशन’ लेकर आया है। इस समझौते के तहत भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले 99 फीसदी से अधिक सामानों को यूके के बाजारों में ‘0%’ यानी पूरी तरह ड्यूटी फ्री पहुंच मिलेगी, जिसमें मुख्य रूप से भारत के बने टेक्सटाइल गारमेंट, जूते-चप्पल और कई तरह के ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं।

वर्तमान में यूके में भारतीय टेक्सटाइल पर 12%, केमिकल्स पर 8% और बेस मेटल्स पर 10% की भारी ड्यूटी लगती थी जो अब खत्म हो जाएगी। ब्रिटिश सरकार द्वारा जारी किए गए आर्थिक अनुमानों के अनुसार, भारत के साथ हुए इस मुक्त व्यापार समझौते से ब्रिटेन की जीडीपी और अर्थव्यवस्था में सीधे तौर पर 4.8 अरब पाउंड का भारी-भरकम इजाफा होगा, जबकि वहां के कामकाजी लोगों के वास्तविक वेतन में भी 2.2 अरब पाउंड की शानदार वृद्धि देखने को मिलेगी, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को एक अभूतपूर्व ऊंचाई मिलेगी।

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