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Termite Prevention: बारिश की नमी लकड़ी के फर्नीचर की बन सकती है दुश्मन! दीमक से बचाने वाले 6 स्मार्ट टिप्स आएंगे काम

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बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं घरों के लिए कई नई परेशानियां भी लेकर आता है। इन्हीं में से एक है दीमक का खतरा, जो चुपचाप लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजों, अलमारी और अन्य कीमती सामान को अंदर ही अंदर खोखला कर देती है। जब तक इसका पता चलता है, तब तक नुकसान काफी बढ़ चुका होता है और कई बार लाखों रुपये का फर्नीचर भी कबाड़ बनने की कगार पर पहुंच जाता है।

नमी और सीलन दीमक के पनपने के लिए सबसे अनुकूल वातावरण तैयार करती है। ऐसे में यदि समय रहते कुछ आसान सावधानियां और घरेलू उपाय अपना लिए जाएं, तो दीमक के प्रकोप से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। आइए जानते हैं बरसात में फर्नीचर को सुरक्षित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

इन स्मार्ट टिप्स से दीमक से होगा बचाव

घर में नमी और सीलन न बनने दें
दीमक नमी वाले स्थानों में तेजी से फैलती है। इसलिए घर के कमरों, स्टोर रूम और फर्नीचर के आसपास सीलन जमा न होने दें। यदि कहीं पानी का रिसाव हो रहा है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें ताकि हवा का आवागमन बना रहे और नमी कम हो।

फर्नीचर की नियमित सफाई करें
लकड़ी के फर्नीचर पर धूल और गंदगी जमा होने से भी दीमक के पनपने की संभावना बढ़ सकती है। सप्ताह में कम से कम एक बार सूखे या हल्के नम कपड़े से फर्नीचर की सफाई करें। सफाई के दौरान किनारों, जोड़ और नीचे के हिस्सों की भी जांच करें, क्योंकि दीमक अक्सर इन्हीं जगहों से शुरुआत करती है।

समय-समय पर एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट कराएं
यदि आपका फर्नीचर महंगा या पूरी तरह लकड़ी का बना है, तो समय-समय पर एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट करवाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे दीमक के हमले का खतरा काफी कम हो जाता है। खासकर पुराने घरों और लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे फर्नीचर में यह उपाय अधिक उपयोगी साबित होता है।

फर्नीचर को दीवार से थोड़ा दूर रखें
बरसात के दौरान दीवारों में सीलन आ जाती है, जिसका असर फर्नीचर पर भी पड़ सकता है। इसलिए लकड़ी की अलमारी, बेड या अन्य फर्नीचर को दीवार से कुछ इंच की दूरी पर रखें। इससे हवा का प्रवाह बना रहता है और नमी सीधे फर्नीचर तक नहीं पहुंचती।

नीम का तेल और कपूर जैसे घरेलू उपाय अपनाएं
नीम के तेल की गंध दीमक को दूर रखने में सहायक मानी जाती है। आप कॉटन की मदद से फर्नीचर के कोनों पर हल्का नीम का तेल लगा सकते हैं। इसके अलावा कपूर की गोलियां भी अलमारी और लकड़ी के कैबिनेट में रखने से कीड़ों और दीमक के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

दीमक के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें
यदि फर्नीचर के आसपास मिट्टी जैसी सुरंगें दिखाई दें, लकड़ी खोखली लगने लगे, पाउडर जैसा बुरादा निकले या छोटे-छोटे पंख गिरे हुए नजर आएं, तो यह दीमक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत विशेषज्ञ की मदद लें ताकि नुकसान बढ़ने से पहले समस्या पर काबू पाया जा सके।

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