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ब्लैकलिस्ट दवा खरीद का मामला गूंजा : स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, हमने जो खरीदा वह नहीं है प्रतिबंधित

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रायपुर – छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन दवा खरीद का मुद्दा सदन में जोरदार ढंग से उठा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अनुपस्थिति में विधायक अटल श्रीवास्तव ने अमानक दवाओं और यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की एस्पिरिन खरीद को लेकर सरकार से जवाब मांगा। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि गुजरात में ब्लैकलिस्ट की गई दवा की खरीद छत्तीसगढ़ में नहीं हुई।

विपक्ष ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल
प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने एस्पिरिन समेत अन्य अमानक दवाओं की खरीद पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जिन दवाओं पर रोक लग चुकी थी, उनकी खरीद कब और कितनी मात्रा में की गई। विपक्ष ने यह भी कहा कि यदि गुजरात में किसी दवा को प्रतिबंधित किया गया था, तो उसे छत्तीसगढ़ में क्यों खरीदा गया और गरीब मरीजों को ऐसी दवा क्यों उपलब्ध कराई गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन को बताया कि गुजरात में यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की कुछ एस्पिरिन दवाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया था, जिसकी सूचना 25 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) को मिली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में गुजरात में ब्लैकलिस्ट की गई दवा की खरीद नहीं हुई। राज्य में खरीदी गई दवा एस्पिरिन 75 mg (अनकोटेड) थी, जो गुजरात में प्रतिबंधित दवा से अलग उत्पाद है।

सूचना मिलते ही रद्द किए गए खरीद आदेश
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गुणवत्ता संबंधी जानकारी मिलने के बाद जनहित को ध्यान में रखते हुए यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की एस्पिरिन 75 mg (अनकोटेड) के सभी खरीद आदेश तत्काल रद्द कर दिए गए। साथ ही कंपनी के साथ किया गया रेट कॉन्ट्रैक्ट (Rate Contract) भी निरस्त कर दिया गया। विपक्ष ने दवा खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और जिम्मेदारी तय करने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। इस पर सरकार ने कहा कि जैसे ही संबंधित सूचना मिली, एहतियात के तौर पर तत्काल कार्रवाई की गई और मरीजों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

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