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आधुनिक सोच, परंपरा का साथ : देमार गांव का लाउडस्पीकर सिस्टम बना पूरे इलाके के लिए मिसाल

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धमतरी – धमतरी शहर से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित देमार गांव अपनी अनोखी व्यवस्था के कारण चर्चा में है। करीब छह हजार की आबादी वाले इस गांव ने पारंपरिक मुनादी व्यवस्था की जगह केंद्रीय लाउडस्पीकर सिस्टम अपनाकर सूचना प्रसारण को आसान और प्रभावी बना दिया है। यही वजह है कि आज यह गांव आसपास की बड़ी ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा बन चुका है।

मुनादी की परेशानी से निकला तकनीकी समाधान
पहले गांव में किसी भी सरकारी योजना, ग्राम सभा, टीकाकरण, राशन वितरण या अन्य महत्वपूर्ण सूचना के लिए कोटवार गली-गली जाकर मुनादी करता था। बड़ी आबादी होने के कारण कई लोगों तक सूचना समय पर नहीं पहुंच पाती थी, जिससे शिकायतें और विवाद की स्थिति भी बन जाती थी। इस समस्या को देखते हुए पंचायत ने करीब दस वर्ष पहले सेंट्रलाइज्ड लाउडस्पीकर सिस्टम शुरू किया।

सरकारी योजनाओं से लेकर सुख-दुख तक हर सूचना का माध्यम
आज यह लाउडस्पीकर सिस्टम गांव की पहचान बन चुका है। सरकारी योजनाओं की जानकारी, ग्राम सभा की बैठक, टीकाकरण अभियान, राशन वितरण, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ-साथ शादी, शोक संदेश और अन्य जरूरी सूचनाएं भी इसी माध्यम से पूरे गांव तक कुछ ही मिनटों में पहुंच जाती हैं।

दूसरे गांवों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल
तकनीक और परंपरा का संतुलित मेल देमार गांव को खास बनाता है। वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित यह व्यवस्था न केवल पंचायत का काम आसान कर रही है, बल्कि ग्रामीणों को भी समय पर सही जानकारी उपलब्ध करा रही है। यही कारण है कि आसपास के कई गांव भी अब इस मॉडल को अपनाने की दिशा में रुचि दिखा रहे हैं।

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