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रेलवे ट्रैक पर लहूलुहान मिली महिला : परिजनों ने जताई गंभीर वारदात की आशंका, प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश

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मुंगेली – जिले से एक बेहद मार्मिक और रहस्यमयी मामला सामने आया है। रेलवे ट्रैक किनारे खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में मिली एक युवती की पहचान अब रागिनी कश्यप के रूप में हो चुकी है। हालांकि, उसके साथ आखिर हुआ क्या था, इसका जवाब अब तक किसी के पास नहीं है। शरीर पर गंभीर चोटें, हाथ-पैर में फ्रैक्चर और कई जगह टांके होने के कारण मामला अब गंभीर जांच का विषय बन गया है। परिजनों ने किसी गंभीर अपराध की आशंका जताई है, जबकि प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

रेलवे ट्रैक किनारे गंभीर हालत में मिली थी युवती
जानकारी के मुताबिक मुंगेली जिले के कुआगांव निवासी रागिनी कश्यप अपने पति से अलग रहकर बिलासपुर के एक निजी होटल में काम करती थी। इसी बीच 10 जुलाई को खोडरी रेलवे ट्रैक के पास वह गंभीर रूप से घायल और बेहोशी की हालत में मिली। उसके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस ने उसे अज्ञात और लावारिस मानते हुए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार शुरू हुआ।

सोशल मीडिया से हुई पहचान
कई दिनों तक पहचान नहीं होने पर बिलासपुर की एक सामाजिक संस्था ने मानवता का परिचय देते हुए घायल महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। तस्वीर वायरल होने के बाद परिजनों तक सूचना पहुंची और वे तुरंत सिम्स अस्पताल पहुंचे।

परिजन बोले बिना दस्तावेज सौंप दी बेटी
अस्पताल पहुंचने पर परिजनों ने देखा कि रागिनी अभी भी बेसुध थी। उसके हाथ-पैर में प्लास्टर चढ़ा था और शरीर पर कई जगह टांके लगे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज से जुड़े जरूरी मेडिकल दस्तावेज या विस्तृत जानकारी दिए बिना ही युवती को डिस्चार्ज कर उनके हवाले कर दिया।

घायल बेटी को लेकर पहुंचे कलेक्टर जनदर्शन
बेटी की गंभीर हालत देखकर परिजन उसे सीधे मुंगेली कलेक्टर जनदर्शन लेकर पहुंचे। मामले की जानकारी मिलते ही एडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी स्वयं मौके पर पहुंचीं और पीड़िता व उसके परिजनों से पूरी जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सीएमएचओ को निर्देश देकर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कर समुचित उपचार उपलब्ध कराने को कहा।

पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग को जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग को घटना के हर पहलू की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवती किसी दुर्घटना का शिकार हुई या उसके साथ कोई गंभीर आपराधिक घटना हुई।

परिजनों ने जताई गंभीर अपराध की आशंका
रागिनी के परिजनों का कहना है कि उसके शरीर पर मौजूद चोटों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में उसे रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया। उनका सवाल है कि आखिर वह उस हालत में वहां कैसे पहुंची।

अब तक दर्ज नहीं हुआ आपराधिक मामला
बताया जा रहा है कि रेलवे पुलिस ने महिला को अज्ञात और लावारिस मानते हुए केवल उपचार की कार्रवाई की थी। पहचान नहीं होने के कारण अब तक किसी आपराधिक मामले की विधिवत जांच शुरू नहीं हो सकी थी। अब जब पीड़िता की पहचान हो चुकी है और परिजनों ने गंभीर आशंका जताई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग तेज हो गई है।

जांच पर टिकी सबकी निगाहें
फिलहाल रागिनी जिला अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंची? क्या वह किसी हादसे का शिकार हुई या फिर उसके साथ कोई गंभीर वारदात हुई? इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच से ही सामने आ सकेंगे।

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