डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप फाइनल में पहुंच गया। अर्जेंटीना ने दूसरे सेमीफाइनल में पिछड़ने के बावजूद इंग्लैंड को 2-1 से हराते हुए फाइनल में जगह पक्की की। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने मैच के आखिरी मिनटों में 2 गोल दागकर इंग्लैंड से जीत छीन ली। अब 19 जुलाई को फाइनल में उसकी टक्कर स्पेन से होगी।
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पहले हाफ में मिडफील्ड की लड़ाई सबसे ज्यादा देखने को मिली और दोनों टीमों ने एक-दूसरे को ज्यादा मौके नहीं दिए। इंग्लैंड ने सेट पीस पर दबाव बनाया, जबकि अर्जेंटीना ने भी कुछ अच्छे अटैक किए। मैच में पहले हाफ में बड़ा गर्मागर्मी का माहौल बना रहा। दोनों टीमों ने एग्रेसिव फुटबॉल खेली और फाउल भी हुए। लेकिन पहले 45 मिनट तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। मुकाबले के दौरान इंग्लैंड के इलियट एंडरसन और अर्जेंटीना के लिसांद्रो मार्टिनेज तथा क्रिस्टियन रोमेरो को येलो कार्ड भी दिखाया गया।
दूसरे हाफ की शुरुआत में इंग्लैंड ने बढ़त हासिल कर ली। 55वें मिनट में मॉर्गन रोजर्स के शानदार क्रॉस पर एंथनी गॉर्डन ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। गोल के बाद इंग्लैंड के कोच थॉमस टुशेल ने डिफेंस मजबूत करने के लिए एज़री कॉन्सा को मैदान पर उतारा और टीम ने रक्षात्मक रणनीति अपनाई।
हालांकि, अर्जेंटीना ने हार नहीं मानी और लगातार इंग्लैंड के गोलपोस्ट पर हमला बोलना शुरू किया। गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने निकोलस गोंजालेज का शानदार प्रयास बचाया, जबकि एलेक्सिस मैक एलिस्टर का शॉट पोस्ट से टकरा गया। आखिरकार 85वें मिनट में अर्जेंटीना को बराबरी का गोल मिल गया। पेनल्टी बॉक्स में लूज बॉल पर सबसे पहले पहुंचे एंजो फर्नांडेज ने शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया।
इस गोल के बाद मुकाबले का पूरा रुख बदल गया। इंजरी टाइम के दूसरे मिनट (90+2) में लियोनेल मेसी ने दाएं छोर से शानदार रन लगाते हुए सटीक क्रॉस दिया। बैक पोस्ट पर पूरी तरह खाली खड़े लाउतारो मार्टिनेज ने आसान हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुंचा दिया और अर्जेंटीना को 2-1 की यादगार जीत दिला दी।
इंग्लैंड ने आखिरी पलों में बराबरी की कोशिश की। लेकिन अर्जेंटीना की मजबूत डिफेंस के सामने उसकी एक नहीं चली। इस हार के साथ 1966 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का इंग्लैंड का सपना टूट गया। अब इंग्लैंड तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस से भिड़ेगा, जबकि अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले फाइनल से विश्व विजेता का फैसला होगा।