सिमगा- छत्तीसगढ़ के सिमगा में शुक्रवार को जनपद पंचायत कार्यालय में कार्य संस्कृति पर सवाल खड़े करने वाला दृश्य देखने को मिला। कार्यालयीन समय शुरू होने के काफी देर बाद, दोपहर करीब 12 बजे तक एसडीओ, इंजीनियर, मनरेगा कर्मचारी और चपरासी सहित कई अधिकारी-कर्मचारी अपने कक्षों से नदारद रहे। कार्यालय में केवल गिनती के कर्मचारी ही मौजूद थे, जबकि अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी थीं।
तस्वीरों ने खोली व्यवस्था की पोल
कार्यालय के विभिन्न कक्षों की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि, जहां एसडीओ, इंजीनियर और मनरेगा कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था है, वहां दोपहर 12 बजे तक सन्नाटा पसरा हुआ था। यहां तक कि कार्यालय का चपरासी भी अनुपस्थित मिला।
समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि, सप्ताह में पहले से ही शनिवार और रविवार को शासकीय अवकाश रहता है, ऐसे में बाकी कार्यदिवसों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों का समय पर कार्यालय नहीं पहुंचना गंभीर लापरवाही है। इससे आम नागरिकों के जरूरी कार्य प्रभावित होते हैं और उन्हें बेवजह इंतजार करना पड़ता है।
जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांग रहे लोग
स्थानीय नागरिकों ने समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, यह मामला शासकीय कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है।