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शेयर बाजार की तेजी से टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू में उछाल, TCS बनी सबसे बड़ी गेनर; ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैप

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बीते कारोबारी सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में दर्ज हुई मजबूती का फायदा देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों को भी मिला। टॉप-10 सूची में शामिल 10 कंपनियों में से 5 कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैपिटलाइजेशन में 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सबसे बड़ी लाभार्थी कंपनी रही।

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में रही मजबूती

सप्ताह के दौरान BSE सेंसेक्स 582.06 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 127.40 अंक यानी 0.52% मजबूत होकर सप्ताह समाप्त करने में सफल रहा। सकारात्मक निवेशक धारणा और चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।

TCS ने सबसे ज्यादा बढ़ाई मार्केट वैल्यू

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS का मार्केट कैप लगभग 72,072 करोड़ रुपये बढ़कर 8.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसके अलावा जिन कंपनियों के बाजार मूल्य में बढ़ोतरी दर्ज की गई, उनमें—

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज
  • ICICI बैंक
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
  • बजाज फाइनेंस

शामिल रहे।

इन 5 कंपनियों की वैल्यू घटी

बाजार में कुल मिलाकर मजबूती रहने के बावजूद पांच बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई।

  • L&T को सबसे बड़ा नुकसान हुआ और उसका मार्केट कैप करीब 18,098 करोड़ रुपये घट गया।
  • LIC के बाजार मूल्य में लगभग 12,081 करोड़ रुपये की कमी आई।
  • भारती एयरटेल का मार्केट कैप भी 7,706 करोड़ रुपये घटा।
  • HDFC बैंक के मूल्यांकन में करीब 7,085 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज हुई।
  • हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के मार्केट कैप में भी मामूली कमी देखने को मिली।

क्या रही बाजार की मजबूती की वजह?

मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों के दम पर बेहतर प्रदर्शन किया।

विशेषज्ञों के अनुसार—

  • TCS के मजबूत पहली तिमाही (Q1 FY27) नतीजों ने आईटी सेक्टर में उत्साह बढ़ाया।
  • बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में दोबारा खरीदारी देखने को मिली।
  • भारत के मजबूत आर्थिक आंकड़ों और निवेशकों के भरोसे ने बाजार को अतिरिक्त समर्थन दिया।

निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि यदि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती बरकरार रहती है और कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के अनुरूप आते हैं, तो आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।

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