कम उम्र में बड़ी सफलता हासिल करने वाले भारतीय उद्यमियों की सूची में सिद्धार्थ सक्सेना का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। IIT कानपुर के पूर्व छात्र सिद्धार्थ ने दावा किया है कि उन्होंने महज एक दिन में करीब 8 मिलियन डॉलर (लगभग 77 करोड़ रुपये) की कमाई की। उनकी यह उपलब्धि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्टार्टअप की तेजी से बढ़ती सफलता का नतीजा मानी जा रही है।
IIT कानपुर से शुरू हुआ सफर
राजस्थान के अलवर निवासी सिद्धार्थ सक्सेना ने IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों में मशीन लर्निंग और रिसर्च से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया। AI और मशीन लर्निंग में उनकी गहरी रुचि ने आगे चलकर उन्हें उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ाया।
दो दोस्तों के साथ शुरू किया ‘Merlin’
साल 2022 में सिद्धार्थ ने अपने IIT कानपुर के साथियों प्रत्युष राय और सिरसेंदु सरकार के साथ मिलकर Merlin नाम का AI आधारित Chrome Extension लॉन्च किया।
यह टूल यूजर्स की उत्पादकता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है और वेब ब्राउज़िंग, कंटेंट राइटिंग, रिसर्च तथा अन्य प्रोफेशनल कार्यों में AI की मदद उपलब्ध कराता है। आज Merlin की अनुमानित वैल्यू करीब ₹415 करोड़ बताई जा रही है।
छात्रों से लेकर प्रोफेशनल्स तक के लिए उपयोगी
Merlin का मुख्यालय अमेरिका में है और यह Chrome Extension के अलावा डेस्कटॉप और मोबाइल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है।
इसका इस्तेमाल—
- छात्रों
- कंटेंट क्रिएटर्स
- मार्केटिंग प्रोफेशनल्स
- डेवलपर्स
- बिजनेस यूजर्स
जैसे विभिन्न वर्गों के लोग करते हैं। कंपनी की तेज़ सफलता के चलते इसके तीनों संस्थापकों को Forbes 30 Under 30 Asia 2024 की सूची में भी जगह मिली।
दूसरा AI स्टार्टअप भी किया लॉन्च
Merlin की सफलता के बाद सिद्धार्थ ने Thine नाम से एक और AI स्टार्टअप शुरू किया, जिसका मुख्यालय पालो ऑल्टो (कैलिफोर्निया, अमेरिका) में है। यह स्टार्टअप भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई तकनीकों पर काम कर रहा है।
सफलता का मूल मंत्र
सिद्धार्थ का मानना है कि केवल तकनीकी ज्ञान सफलता की गारंटी नहीं होता। उनके अनुसार, बड़ी सोच, वैश्विक दृष्टिकोण और सही समय पर जोखिम लेने की क्षमता किसी भी स्टार्टअप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि IIT कानपुर के कंप्यूटर साइंस कार्यक्रम में प्रवेश पाना बेहद कठिन है और यही चुनौतीपूर्ण माहौल उनके करियर की मजबूत नींव बना।
युवाओं के लिए प्रेरणा
सिद्धार्थ सक्सेना की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सही आइडिया, मजबूत तकनीकी कौशल और वैश्विक सोच के दम पर कम उम्र में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। AI सेक्टर में भारत के बढ़ते प्रभाव के बीच उनकी उपलब्धि देश के युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा मानी जा रही है।