भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले की शुरुआत बेहद भावुक माहौल में हुई। मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने अपनी बांह पर काली पट्टी (Black Armband) बांधी और एक मिनट का मौन रखकर वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर सर गारफील्ड सोबर्स को श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्रिकेट जगत के सबसे महान ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले सर गारफील्ड सोबर्स का 17 जुलाई को बारबाडोस स्थित उनके घर पर 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से पूरी क्रिकेट दुनिया शोक में है।
क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में एक थे सोबर्स
सर गारफील्ड सोबर्स ने 1954 से 1974 के बीच वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व किया और अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।
उन्होंने अपने टेस्ट करियर में—
- 93 टेस्ट मैच खेले।
- 8,032 रन बनाए।
- बल्लेबाजी औसत 57.78 रही।
- गेंदबाजी में 235 विकेट हासिल किए।
बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में उनका योगदान उन्हें क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल करता है।
365 रन की ऐतिहासिक पारी ने बनाया रिकॉर्ड*
साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी 365 रन* की नाबाद पारी लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रही।
इसके अलावा, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले वे दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बने थे। यह उपलब्धि आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार रिकॉर्ड्स में गिनी जाती है।
लॉर्ड्स में खिलाड़ियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
तीसरे वनडे मुकाबले से पहले भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने एक मिनट का मौन रखकर सर गारफील्ड सोबर्स को याद किया।
दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने उनके सम्मान में काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरने का फैसला किया। यह श्रद्धांजलि क्रिकेट जगत में उनके अतुलनीय योगदान और विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक रही।
क्रिकेट जगत ने जताया शोक
सर गारफील्ड सोबर्स के निधन पर दुनिया भर के क्रिकेटरों, पूर्व खिलाड़ियों और आईसीसी (ICC) ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए उनका जाना एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। उनकी उपलब्धियां और खेल के प्रति योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे।