बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम, मोबाइल की लत और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को देखते हुए केंद्र सरकार एक नई व्यवस्था पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार भारत में बिकने वाले नए स्मार्टफोन में डिवाइस स्तर पर ‘माइनर मोड’ (Minor Mode) लागू करने की संभावना पर काम कर रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो बच्चों के लिए कई सुरक्षा सुविधाएं पहले से ही फोन में उपलब्ध होंगी।
क्या है प्रस्तावित ‘माइनर मोड’?
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों को ऐसा फीचर उपलब्ध कराना पड़ सकता है, जिससे माता-पिता बच्चों के मोबाइल उपयोग पर बेहतर नियंत्रण रख सकें। इसका उद्देश्य बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है।
मिल सकते हैं ये फीचर्स
प्रस्तावित माइनर मोड में निम्न सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं—
- ऐप डाउनलोड पर नियंत्रण या प्रतिबंध
- रोजाना स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने का विकल्प
- देर रात मोबाइल और सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करने की सुविधा
- उम्र के अनुसार ऐप और कंटेंट की उपलब्धता
- अनुचित या हानिकारक सामग्री को फ़िल्टर करने का विकल्प
माता-पिता को मिलेगा बेहतर नियंत्रण
इस फीचर के जरिए अभिभावक यह तय कर सकेंगे कि बच्चे कौन-कौन से ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं और मोबाइल पर कितना समय बिता सकते हैं। इससे बच्चों की डिजिटल आदतों पर निगरानी रखना आसान हो सकता है।
पढ़ाई और इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी उपलब्ध
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था में शिक्षा से जुड़े ऐप और आपातकालीन संपर्क सेवाओं को प्रभावित नहीं किया जाएगा। यानी पढ़ाई और सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।
क्यों जरूरी माना जा रहा है यह कदम?
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और ऑनलाइन खतरों की चुनौती लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डिवाइस स्तर पर सुरक्षा फीचर उपलब्ध होने से बच्चों की डिजिटल सुरक्षा बेहतर हो सकती है और जिम्मेदार मोबाइल उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है।
नोट: फिलहाल सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसे लागू करने संबंधी अंतिम निर्णय या आधिकारिक अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है।