नई दिल्ली। मानसून अपने साथ ठंडी हवाएं और राहत लेकर आता है, लेकिन घरों में बढ़ने वाली नमी कई परेशानियां भी खड़ी कर देती है। बारिश के मौसम में दीवारों पर सीलन, फफूंदी, बदबू और पेंट उखड़ने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। यदि समय रहते कुछ आसान उपाय अपनाए जाएं तो घर को इन परेशानियों से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
1. घर में हवा का आवागमन बनाए रखें
बारिश के दौरान लोग अक्सर दरवाजे और खिड़कियां बंद रखते हैं, जिससे घर के अंदर नमी बढ़ने लगती है। जब भी मौसम साफ हो, कुछ समय के लिए खिड़कियां और दरवाजे खोलें ताकि ताजी हवा अंदर आए और अतिरिक्त नमी बाहर निकल सके।
2. एग्जॉस्ट फैन या डिह्यूमिडिफायर का करें इस्तेमाल
अगर आपके घर में लगातार नमी बनी रहती है, तो एग्जॉस्ट फैन या डिह्यूमिडिफायर का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है। इससे कमरे की नमी कम होती है और दीवारों पर सीलन जमने की संभावना घट जाती है।
3. दीवारों और छत की दरारें समय रहते ठीक कराएं
मॉनसून शुरू होने से पहले घर की बाहरी दीवारों, छत और खिड़कियों के आसपास मौजूद छोटी-बड़ी दरारों की जांच जरूर कराएं। इन्हीं जगहों से बारिश का पानी रिसकर अंदर आता है और धीरे-धीरे सीलन की समस्या बढ़ जाती है।
4. फर्नीचर को दीवार से सटाकर न रखें
लकड़ी की अलमारी, सोफा या अन्य भारी फर्नीचर को दीवार से कुछ इंच की दूरी पर रखें। इससे हवा का प्रवाह बना रहता है और दीवारों के साथ-साथ फर्नीचर भी नमी और फफूंदी से सुरक्षित रहता है।
5. लीकेज दिखे तो तुरंत मरम्मत कराएं
यदि छत, पाइपलाइन या किसी दीवार से पानी का रिसाव हो रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें। छोटी लीकेज भी समय के साथ बड़ी समस्या बन सकती है और दीवारों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
सीलन से होने वाले नुकसान
- दीवारों का पेंट उखड़ने लगता है।
- फफूंदी और बदबू की समस्या बढ़ जाती है।
- घर की इनडोर एयर क्वालिटी खराब हो सकती है।
- लकड़ी का फर्नीचर और दीवारें कमजोर होने लगती हैं।
- एलर्जी, अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
बारिश के मौसम में थोड़ी-सी सावधानी आपके घर को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकती है। सही वेंटिलेशन, समय पर मरम्मत और नियमित निरीक्षण से आप सीलन, फफूंदी और अनावश्यक रिपेयर खर्च से बच सकते हैं।