प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामलों पर सख्त कानून लाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए कठोर कदम उठाने जा रही है और जल्द ही इस संबंध में एक नया विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।
कैबिनेट में होगी अहम चर्चा
करीब ढाई मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ तैयार किए गए मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कड़ी सजा जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसे जल्द संसद में पेश करने का प्रयास करेगी।
“पेपर लीक लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा”
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में सरकार ने कई कार्रवाई की हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने समय पर परीक्षा आयोजित कर लाखों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित नहीं होने दिया और निर्धारित समय पर परिणाम भी घोषित किए गए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि पेपर लीक के मामलों का जल्द निपटारा हो। इसी उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके।
विपक्ष ने साधा निशाना
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उन्होंने सरकार से जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में कड़ी कार्रवाई करना चाहती है तो शिक्षा मंत्री को पद से हटाना सबसे बड़ा कदम होगा।
NEET-UG विवाद के बाद बढ़ी सियासी हलचल
यह पूरा विवाद NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद सामने आया था। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। जांच एजेंसी ने कई राज्यों में कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग में नए सचिवों की नियुक्ति की गई है। इसे भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एंटी-पेपर लीक कानून पहले से लागू
देश में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 पहले से लागू है। इस कानून के तहत पेपर लीक, नकल और परीक्षा घोटालों से जुड़े मामलों में जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। सरकार अब इसे और प्रभावी बनाने की दिशा में नए कदम उठाने की तैयारी कर रही है।