रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों का बिजली बिल बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों पर ₹3,200 करोड़ से अधिक का बिजली बिल लंबित है। सबसे अधिक बकाया नगरीय निकाय विभाग पर है, जिस पर करीब ₹1,586 करोड़ का भुगतान बाकी है।
बढ़ते बकाया को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी सरकारी विभागों के लिए तीन महीने का बिजली बिल अग्रिम (Advance) जमा कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अगस्त 2026 से सभी सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम में लाने की तैयारी भी की जा रही है। हालांकि, अब तक किसी भी विभाग ने एडवांस राशि जमा नहीं कराई है।
बिजली बिल भुगतान में लापरवाही नई नहीं
जानकारों के अनुसार, छत्तीसगढ़ गठन के बाद से ही सरकारी विभाग समय पर बिजली बिल जमा करने में गंभीर नहीं रहे हैं। जबकि अधिकांश विभागों के बजट में बिजली बिल के लिए अलग से राशि निर्धारित रहती है, फिर भी भुगतान समय पर नहीं किया जाता। यही वजह है कि बिजली वितरण कंपनी को कई बार राज्य सरकार से बजट के जरिए भुगतान कराने की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।
चार महीने में और बढ़ा बकाया
मार्च 2026 तक सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया करीब ₹2,883 करोड़ था, जो नए वित्तीय वर्ष के शुरुआती चार महीनों में बढ़कर ₹3,200 करोड़ से अधिक हो गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकारी विभागों ने लगभग ₹1,252 करोड़ की बिजली खपत की, लेकिन इसके बदले केवल ₹814 करोड़ का भुगतान किया गया। इससे ₹438 करोड़ का अतिरिक्त बकाया जुड़ गया।
किस विभाग पर कितना बकाया?
मार्च 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रमुख विभागों पर बकाया इस प्रकार है—
- नगरीय निकाय विभाग – ₹1,586 करोड़
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग – ₹876 करोड़
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) – ₹109 करोड़
- स्कूल शिक्षा विभाग – ₹80 करोड़
- चिकित्सा विभाग – ₹31 करोड़
- आदिम जाति कल्याण विभाग – ₹28 करोड़
- जल संसाधन विभाग – ₹27 करोड़
- गृह विभाग – ₹26 करोड़
- महिला एवं बाल विकास विभाग – ₹26 करोड़
- आवास एवं पर्यावरण विभाग – ₹23 करोड़
- लोक निर्माण विभाग (PWD) – ₹13 करोड़
- राजस्व विभाग – ₹12 करोड़
- वन विभाग – ₹9 करोड़
- उच्च शिक्षा विभाग – ₹5.40 करोड़
- कृषि विभाग – ₹3.68 करोड़
- सहकारिता विभाग – ₹3.31 करोड़
- पशुपालन विभाग – ₹3 करोड़
- कौशल विकास विभाग – ₹3 करोड़
- उद्यानिकी विभाग – ₹2.64 करोड़
- विधि एवं विधायी विभाग – ₹2.42 करोड़
- जेल विभाग – ₹1.40 करोड़
- खेल विभाग – ₹1.03 करोड़
इसके अलावा कई अन्य विभागों पर भी लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच यह राशि और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।