Naxal News: सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में शामिल मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल को झारखंड के सारंडा जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, उस पर विभिन्न राज्यों में घोषित इनाम मिलाकर करीब ₹1.5 करोड़ था। वहीं, इस कार्रवाई के अगले दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 8 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
सारंडा जंगल से हुई गिरफ्तारी
सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि मिसिर बेसरा अपने साथियों के साथ नया ठिकाना तलाशने के लिए झारखंड के जंगलों में सक्रिय है। इसके बाद संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया। घेराबंदी के दौरान उसे दो अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
संगठन के शीर्ष नेतृत्व में थी भूमिका
मिसिर बेसरा माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो का सदस्य और ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो (ERB) का प्रभारी बताया जाता है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह लंबे समय से झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सक्रिय था तथा संगठन के बड़े अभियानों की रणनीति बनाने में उसकी अहम भूमिका रही।
कई गंभीर मामलों में था आरोपी
पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा के खिलाफ हत्या, IED विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमले और आर्म्स एक्ट सहित 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। उस पर झारखंड के पश्चिम सिंहभूम क्षेत्र में हुए IED हमलों की साजिश रचने का भी आरोप है, जिनमें 55 सुरक्षाकर्मियों की शहादत हुई थी।
इसके अलावा वर्ष 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट परिसर पर हुए नक्सली हमले के दौरान उसे पुलिस हिरासत से छुड़ाए जाने की घटना में भी उसका नाम सामने आया था। इन आरोपों और मामलों की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर चलती रही है।
बस्तर से भी रहा गहरा संबंध
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मिसिर बेसरा का छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में भी सक्रिय नेटवर्क था। वह कथित तौर पर दंडकारण्य क्षेत्र और पूर्वी भारत में सक्रिय माओवादी इकाइयों के बीच समन्वय, कैडर प्रशिक्षण, हथियारों की आपूर्ति और रणनीतिक बैठकों में शामिल रहता था।
बीजापुर में 8 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद बीजापुर में 8 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें 5 महिला नक्सली भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों पर कुल ₹49 लाख का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में अश्विन उर्फ लच्छू, रंगा उर्फ सोहन और दोबा माड़वी उर्फ राहत पर ₹8-8 लाख का इनाम था, जबकि फगनी पोयम, सूरज मुन्नी चम्पिया, हिड़मे कड़ती, बुधरी कुंजाम और सलमी चम्पिया पर ₹5-5 लाख का इनाम घोषित था।
सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कहा?
सीआरपीएफ के उपमहानिरीक्षक (DIG) बी.एस. नेगी के अनुसार, माओवादी संगठन के शीर्ष स्तर के एक प्रमुख सदस्य की गिरफ्तारी के बाद बीजापुर में आत्मसमर्पण की यह घटना नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है।