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कंगना रनौत और CJP प्रवक्ता सौरव दास के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जुबानी जंग, दोनों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

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Entertainment News: अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत तथा CJP के प्रवक्ता सौरव दास के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। यह विवाद छात्र आंदोलनों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर कंगना रनौत की टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ। सौरव दास की प्रतिक्रिया के जवाब में कंगना ने भी सोशल मीडिया पर तीखा पलटवार किया।

सौरव दास ने क्या कहा?

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में सौरव दास ने कंगना रनौत की हालिया राजनीतिक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी राय में कंगना को उनकी अपनी पार्टी भी गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी के बीच उनकी बातों का प्रभाव सीमित है।

सौरव दास ने आगे कहा कि सांसद बनने के बाद काम के बोझ को लेकर कंगना का पहले दिया गया बयान उनकी राजनीतिक गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात भी कही।

कंगना रनौत का पलटवार

सौरव दास के बयान के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए लिखा कि उन्होंने सौरव की उम्र के बारे में जानकारी देखी और कहा कि उनकी उम्र तक पहुंचते-पहुंचते वह दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी थीं।

कंगना ने अपने पोस्ट में कहा कि वह पिछले दो दशकों से सार्वजनिक जीवन का हिस्सा हैं और पिछले दो वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि सांसद बनने के बाद जिम्मेदारियों का दायरा उनकी फिल्म निर्माण, अभिनय, लेखन और अन्य पेशेवर कार्यों के साथ काफी बढ़ गया है।

अपने जवाब में कंगना ने सौरव दास की आलोचना करते हुए उनके कौशल और पेशेवर अनुभव पर भी टिप्पणी की।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

हाल के दिनों में कंगना रनौत लगातार छात्र प्रदर्शनों और उनसे जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी राय रख रही हैं। उनके एक पोस्ट के बाद सौरव दास ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद दोनों के बीच यह बयानबाजी तेज हो गई।

कौन हैं सौरव दास?

उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, सौरव दास नई दिल्ली से जुड़े हैं और CJP के प्रवक्ता की भूमिका निभाते हैं। वह मीडिया ब्रीफिंग, शिक्षा, बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली और छात्र आंदोलनों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखते हैं। उन्हें एक आरटीआई कार्यकर्ता और नीति शोधकर्ता के रूप में भी जाना जाता है।

यह विवाद फिलहाल सोशल मीडिया तक सीमित है और दोनों पक्ष अपने-अपने विचार सार्वजनिक रूप से साझा कर रहे हैं।

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