सूरजपुर। खरीफ सीजन में खाद की कमी से जूझ रहे किसानों के बीच सूरजपुर जिले के जयनगर स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में खाद घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में करीब 20 लाख रुपये मूल्य की खाद का स्टॉक कम पाया गया है। मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने समिति के अध्यक्ष और प्रभारी प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
जानकारी के अनुसार, जयनगर सहकारी समिति में खाद की किल्लत और कालाबाजारी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। किसानों की शिकायतों को देखते हुए कलेक्टर रेना जमील ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। उप आयुक्त, सहकारी समिति द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में समिति के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया। जांच के दौरान 1356 बोरी डीएपी, 502 बोरी यूरिया और 137 बोरी एसएसपी खाद कम पाई गई। इन खादों की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई है।
जांच में सहयोग नहीं करने पर कार्रवाई
उप आयुक्त ने बताया कि जांच के लिए पहले प्रभारी समिति प्रबंधक को तलब किया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। बाद में प्रशासनिक सहयोग से उसे बुलाकर जांच कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि जांच में सहयोग नहीं करने और जांच को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए समिति के प्रभारी प्रबंधक और अध्यक्ष को उनके पद से हटा दिया गया है।
नए प्रभारी की नियुक्ति, आगे होगी कार्रवाई
प्रशासन ने समिति के संचालन के लिए नए प्रभारी की नियुक्ति कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रारंभिक जांच है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि वित्तीय अनियमितता या गबन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद वितरण में गड़बड़ी के इस मामले के सामने आने के बाद जिले में सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अन्य समितियों की भी जांच कराई जा सकती है।