दुर्ग के बहुचर्चित अफीम खेती मामले में जेवरा सिरसा पुलिस ने 143 दिन की जांच पूरी करने के बाद गुरुवार को कोर्ट में 939 पन्नों की चार्जशीट पेश की। इस मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है। वहीं दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने इस केस में 79 लोगों को गवाह बनाया है। इनमें पुलिस, नारकोटिक्स, एफएसएल, राजस्व विभाग और अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
पुलिस ने जिन 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें विकास विश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर, छोटूराम, रणछोड़ राम, सुनील देवासी, मदरूपा राम और सुखाराम के नाम शामिल हैं। वहीं, अचला राम और श्रवण विश्नोई अब भी फरार हैं।
दोनों पर 3-3 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। अब मामले की सुनवाई कोर्ट में आगे बढ़ेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज और सबूत मामले में अहम भूमिका निभाएंगे।
चार्जशीट में 79 गवाह शामिल
पुलिस ने चार्जशीट में कुल 79 गवाहों को शामिल किया है। इनमें नारकोटिक्स विभाग के एक टीआई और एक एसआई, एफएसएल की वैज्ञानिक, तहसीलदार, तीन एएसआई, दो एसआई, तीन प्रधान आरक्षक, दो महिला आरक्षक और 14 आरक्षक शामिल हैं।
इसके अलावा जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, उससे जुड़े आवेदन और शपथ पत्र भी रिकॉर्ड का हिस्सा बनाए गए हैं। रायपुर निवासी प्रीतिबाला और मधुमति ताम्रकार से संबंधित दस्तावेज भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं।
6 मार्च को हुआ था मामले का खुलासा
मामले का खुलासा 6 मार्च 2026 को हुआ, जब पुलिस को ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती होने की सूचना मिली। इसके बाद सीएसपी कार्यालय के नेतृत्व में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), एफएसएल, राजस्व और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई।
अगले दिन टीम खेत पर पहुंची, जहां एफएसएल की जांच में पुष्टि हुई कि वहां अफीम की खेती की गई थी।
मक्के की फसल के बीच उगाई गई थी अफीम
जांच में पता चला कि करीब 5.609 एकड़ जमीन पर मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि किसी को संदेह न हो। मौके से विकास विश्नोई को हिरासत में लिया गया। उसकी पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
एनसीबी की गाइडलाइन के अनुसार खेत का आकलन किया गया, जिसमें 14 लाख 30 हजार 100 अफीम के पौधे मिले। इनका अनुमानित वजन करीब 62 हजार किलोग्राम आंका गया। वहीं खेत के पास से 66.33 किलोग्राम अफीम डोडा भी बरामद किया गया।
पूछताछ में सामने आया पूरा नेटवर्क
पूछताछ के दौरान विकास विश्नोई ने विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर, श्रवण विश्नोई और अचला राम के साथ मिलकर अफीम की खेती करने की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने विनायक ताम्रकार और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान अफीम, अफीम के बीज, खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, हिसाब-किताब के रजिस्टर, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ट्रैक्टर, जेसीबी, हार्वेस्टर, मोटरसाइकिल, सिंचाई पंप, स्प्रिंकलर और सीसीटीवी कैमरे समेत कई सामान जब्त किए गए।
साथ ही राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर अफीम डोडा के कारोबार से जुड़े पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस कोर्ट में अपने गवाह और सबूत पेश करेगी।