कोलकाता/साहिबगंज: पश्चिम बंगाल में संदिग्ध आतंकी नेटवर्क की जांच के बीच पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के साहिबगंज से अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल की जांच के सिलसिले में की गई है।
एसटीएफ का दावा है कि अर्पिता सरकार केवल हमीम मंडल की परिचित नहीं, बल्कि कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़ी सक्रिय सदस्य हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की जांच जारी है और अदालत में अभी इनकी पुष्टि होना बाकी है।
ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाई गई
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद अर्पिता सरकार को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया है।
जांच एजेंसी अब हमीम मंडल और अर्पिता सरकार से आमने-सामने पूछताछ कर कथित नेटवर्क, संपर्कों और अन्य संभावित कड़ियों की जानकारी जुटा रही है।
पहले गिरफ्तार हुआ था हमीम मंडल
गुरुवार को एसटीएफ ने पूर्व बर्द्धमान जिले के एक जिम से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था।
जांच एजेंसी का दावा है कि उसके कथित संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़े हो सकते हैं। इन दावों की जांच फिलहाल जारी है और अभी तक किसी अदालत ने इनकी पुष्टि नहीं की है।
एन्क्रिप्टेड ऐप के इस्तेमाल का दावा
एसटीएफ के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमीम मंडल और अर्पिता सरकार सामान्य फोन कॉल की बजाय एक एन्क्रिप्टेड मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से संपर्क में रहते थे।
डिजिटल चैट, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि कथित नेटवर्क की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट हो सके।
भर्ती और हनीट्रैप की भी जांच
जांच एजेंसी का दावा है कि अर्पिता सरकार की भूमिका कथित तौर पर—
- नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने,
- सोशल मीडिया के जरिए संपर्क बढ़ाने,
- और कुछ मामलों में प्रभावशाली व्यक्तियों को हनीट्रैप में फंसाने
से जुड़ी हो सकती है।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए जांच अभी जारी है और एजेंसी साक्ष्य जुटा रही है।
राजनीतिक एंगल की भी पड़ताल
एसटीएफ इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कुछ राजनीतिक हस्तियों से जुड़ी निजी या सुरक्षा संबंधी जानकारियां जुटाने की कोशिश की गई थी।
फिलहाल इस संबंध में किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है और जांच एजेंसी ने आधिकारिक रूप से कोई निष्कर्ष घोषित नहीं किया है।
फंडिंग और विदेशी कनेक्शन पर जांच जारी
जांच का दायरा अब कथित फंडिंग नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन तक बढ़ा दिया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि दोनों आरोपियों से संयुक्त पूछताछ के बाद मामले से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।