नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स के आठवें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 पदक अपने नाम किए। इनमें 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल रहे। सबसे बड़ी उपलब्धि जूडो में मिली, जहां अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने 15 मिनट के अंतराल में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने रजत पदक और यशवीर सिंह ने कांस्य पदक हासिल किया।
भारत के खाते में अब तक 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 23 पदक हो चुके हैं और देश पदक तालिका में 10वें स्थान पर है।
जूडो में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
अस्मिता डे ने रचा इतिहास
त्रिपुरा की अस्मिता डे ने महिला वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत को जूडो का पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
मुकाबले में शुरुआती बढ़त गंवाने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की और गोल्डन स्कोर में निर्णायक अंक हासिल कर जीत दर्ज की।
हर्ष सिंह ने 15 मिनट बाद जीता दूसरा गोल्ड
अस्मिता की जीत के कुछ ही मिनट बाद हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
चार मिनट तक चले मुकाबले में अंतिम क्षणों में निर्णायक दांव लगाकर उन्होंने मुकाबला जीत लिया।
यामिनी मौर्य को मिला सिल्वर
महिला 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में यामिनी मौर्य को इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
जेवलिन में नीरज को सिल्वर, यशवीर ने जीता ब्रॉन्ज
भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए रजत पदक जीता।
वहीं यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर कांस्य पदक हासिल किया।
इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ जीता।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम शीर्ष-8 में जगह नहीं बना सके और प्रारंभिक चरण के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
तेजस्विन शंकर ने रचा नया इतिहास
तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया।
वह कॉमनवेल्थ गेम्स में डेकाथलॉन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।
उन्होंने कुल 7976 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
बॉक्सिंग में भारत के 10 खिलाड़ी फाइनल में
भारत के सभी 10 मुक्केबाज फाइनल में पहुंच चुके हैं और अब सभी के पास स्वर्ण पदक जीतने का मौका है।
महिला वर्ग
- प्रीति पवार (54 किग्रा)
- साक्षी चौधरी (51 किग्रा)
- जैस्मीन लांबोरिया (57 किग्रा)
- प्रिया घंघास (60 किग्रा)
- अरुंधति चौधरी (70 किग्रा)
- लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)
पुरुष वर्ग
- जादुमणि सिंह (55 किग्रा)
- सचिन सिवाच (60 किग्रा)
- अंकुश पंघाल (80 किग्रा)
- नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा)
अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजर इन फाइनल मुकाबलों पर होगी, जहां भारत के पदकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।