पश्चिम बंगाल STF ने पाकिस्तान समर्थित बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आतंकियों की हिट लिस्ट में थे। इसके अलावा, आरोपियों को दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस वर्दी में घुसकर उपद्रव फैलाने का निर्देश मिला था।
हावड़ा की रंगदारी कॉल से हुआ पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़
पश्चिम बंगाल एसटीएफ (STF) के आईजी गौरव शर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क की परतें खोलीं। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत हावड़ा के एक वरिष्ठ मंत्री को मिली रंगदारी की धमकी और उनके बेटे के अपहरण की रची जा रही साजिश के बाद शुरू हुई जांच से हुई।
जांच के दौरान पुलिस को झारखंड के साहिबगंज से चलाए जा रहे एक संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल का सुराग मिला, जिसे अर्पिता सरकार नाम की महिला संभाल रही थी। जब पुलिस ने अर्पिता से सख्ती से पूछताछ की और इस डिजिटल नेटवर्क की गहराई से जांच की, तो बर्दवान निवासी हमीम मंडल का नाम सामने आया।
हमीम के व्हाट्सएप और टेलीग्राम डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच करने पर एसटीएफ के भी होश उड़ गए, क्योंकि वह सीधे पाकिस्तान से संचालित हो रहे आतंकी हैंडलर्स के संपर्क में था।
‘राणा’, ‘आबिद जट’ और ‘उज़ैर’: पाक आकाओं के इशारे पर CM की रेकी
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि आरोपी हमीम मंडल पाकिस्तान में बैठे ‘राणा’, ‘आबिद जट’, ‘उज़ैर’ और ‘हाद’ नाम के संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ लगातार बातचीत कर रहा था। इन पाकिस्तानी आकाओं ने हमीम को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने का जिम्मा सौंपा था।
हैंडलर्स ने उसे स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आने-जाने के रास्तों, उनके काफिले की गतिविधियों और सुरक्षा चक्र में ढील मिलने वाले मौकों पर पैनी नजर रखे। हमीम लगातार मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी पल-पल की जानकारियां जुटाकर सीमा पार बैठे अपने आतंकी आकाओं तक पहुंचा रहा था, ताकि किसी बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम दिया जा सके।
दिल्ली जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर उपद्रव फैलाने की साजिश
पाकिस्तान से मिल रहे निर्देशों का दायरा केवल बंगाल तक सीमित नहीं था, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली तक फैला हुआ था। एसटीएफ प्रमुख ने खुलासा किया कि आरोपियों को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी अराजकता और माहौल बिगाड़ने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
इसके लिए पाकिस्तानी हैंडलर्स ने हमीम को दिल्ली में पुलिस की वर्दी का इंतजाम करने के सख्त निर्देश दिए थे। योजना यह थी कि आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर आसानी से जंतर-मंतर पर एकत्रित भीड़ के बीच दाखिल हो सके और अचानक उपद्रव मचाकर कानून-व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह बिगाड़ दे।
एसटीएफ ने समय रहते 30-31 की रात दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और बर्दवान कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर ले लिया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर और कौन-कौन से मददगार शामिल हैं।