कर्राघाटी में 31 जुलाई की देर रात एक तेंदुए ने 2 ग्रामीणों पर जानलेवा हमला किया। इस घटना के दूसरे दिन, शनिवार सुबह, हमलावर मादा तेंदुआ एक ग्रामीण के घर के बरामदे में मृत मिली। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग तेंदुए की मौत के कारणों को लेकर उलझ गया है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि मृत तेंदुए के सिर पर अंदरूनी चोट है। एक दांत भी क्षतिग्रस्त है। ग्रामीणों और तेंदुए के बीच संघर्ष की आशंका है।
डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने पुष्टि की है कि इस आंतरिक चोट की वजह से तेंदुए की मौत हुई हो सकती है। जिले में 50 से ज्यादा तेंदुओं की मौजूदगी का अनुमान है। हालांकि, जिले में तेंदुओं की सही संख्या के बारे में वन विभाग के पास कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है। पूर्व के वर्षों में तेंदुओं के हमलों से 8 से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
वन विभाग के मुताबिक 31 जुलाई की देर रात 12 से 1 बजे के बीच एक मादा तेंदुआ जंगल से निकलकर कर्राघाटी गांव में घुसी। सबसे पहले वह गांधी राम के घर में घुस गई। उसने हमला किया। गांधी राम के शोर पर जब पड़ोसी दौड़े, तो तेंदुआ वहां से भाग निकली। इसके बाद वह करीब 500 मीटर दूर अंजोर सिंह के घर में जा छिपी। ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। तेंदुए को वहां से भगाने का प्रयास किया।
रातभर कमरों में बंद रहे ग्रामीण, सुबह बरामदे में पड़ी मिली लाश तेंदुए के हमले से दहशत में ग्रामीणों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। खुद को घरों में बंद कर लिया। पीड़ित अंजोर सिंह का परिवार भी जान बचाने के लिए अपने घर के पिछले दरवाजे से चुपके से बाहर निकला। रातभर पूरे गांव में सन्नाटा और खौफ पसरा रहा।
शनिवार सुबह जब अंजोर सिंह का परिवार वापस अपने घर लौटा, तो उनके होश उड़ गए। रात में हमला करने वाली मादा तेंदुआ उनके घर के बरामदे में मृत अवस्था में पड़ी थी। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी।
विसरा रिपोर्ट से खुलेगा राज मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। डॉक्टरों की टीम ने मादा तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का पता लगाने के लिए शव का विसरा सुरक्षित रखा गया है।
इसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया के बाद सिहावा विधायक अंबिका मरकाम की उपस्थिति में तेंदुए के शव का नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सिर पर अंदरूनी चोट, एक दांत डैमेज, संघर्ष की आशंका कर्राघाटी गांव में 2 ग्रामीणों पर हमला हुआ। जिस तेंदुए ने हमला किया, उसकी मौत भी हो गई। उसकी उम्र करीब डेढ़ साल है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि मृत तेंदुए के सिर पर अंदरूनी चोट है। एक दांत भी क्षतिग्रस्त है। वन विभाग ने वन्यजीव अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। घायलों का सिविल अस्पताल नगरी में इलाज जारी है। – श्रीकृष्ण जाधव, डीएफओ धमतरी