रायपुर – एक निर्वाचित सांसद और वरिष्ठ आईएएस अफसर के बीच प्रशासनिक मामलों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब संसद की दहलीज तक पहुंच गया है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया पर फोन पर बातचीत के दौरान रूखे और अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की है। सांसद के मुताबिक, 20 मई की बातचीत में कटारिया ने कथित तौर पर कहा- जो करना है कर लो।’ शिकायत के बाद लोकसभा सचिवालय ने कार्मिक मंत्रालय से पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। अब विवाद संसदीय विशेषाधिकार और प्रशासनिक आचरण के सवाल तक पहुंच गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2004 बैच के अधिकारी अमित कटारिया वर्तमान में स्वास्थ्य सचिव हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजी शिकायत में कहा है कि जनहित और अपने लोकसभा क्षेत्र से जुड़े मामलों को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य सचिव को कई पत्र और रिमाइंडर भेजे, लेकिन उनका जवाब नहीं दिया गया। सांसद के अनुसार, यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई थी। शिकायत के मुताबिक, 20 मई को शाम करीब 5.43 बजे उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को फोन कर स्वास्थ्य विभाग की कथित क्रियता की जानकारी दी। इसके बाद प्रमुख सचिव ने कटारिया से चर्चा कर उन्हें सांसद से बात करने और लोकसभा क्षेत्र से जुड़े मामलों के निराकरण के निर्देश दिए। इसके बाद कटारिया ने शाम करीब 7.44 बजे सांसद को फोन किया। उस समय व्यस्त होने के कारण बृजमोहन कॉल रिसीव नहीं कर पाए। बाद में उन्होंने कटारिया को कॉल बैक कर लंबित मामलों की स्थिति जाननी चाही।
बातचीत के लहजे पर गंभीर आरोप-
सांसद की शिकायत के अनुसार, बातचीत के दौरान कटारिया का लहजा रूखा, अपमानजनक और अनादरपूर्ण था। आरोप है कि उन्होंने अहंकारपूर्ण और अमर्यादित तरीके से बात की तथा कथित तौर पर कहा- ‘जो करना है कर लो।’ बृजमोहन ने इसे संवैधानिक मूल्यों, संसदीय प्रोटोकॉल और प्रशासनिक आचरण के खिलाफ बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष से मामले का संज्ञान लेने और इसे विशेषाधिकार समिति को भेजने का अनुरोध किया है। उन्होंने अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के तहत कार्मिक मंत्रालय से भी कटारिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
‘आम लोगों के साथ कैसा होता होगा रवैया’
सांसद ने शिकायत में कहा है कि यदि एक निर्वाचित लोकसभा सदस्य के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिकों के साथ अधिकारी का रवैया कैसा होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारी पर अपनी जवाबदेही के प्रति उदासीन रहने का आरोप भी लगाया है । शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कटारिया के खिलाफ पूर्व में जनप्रतिनिधियों से कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आती रहीं हैं।
लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी जांच रिपोर्ट
सांसद की शिकायत के बाद लोकसभा सचिवालय ने कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय को पत्र भेजकर तत्काल तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की जा सके।