कवर्धा – छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के भोरमदेव थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। छह दिन से लापता महिला का कंकाल जंगल में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने महिला की पहचान उसकी चूड़ियों और अन्य पहचान चिह्नों के आधार पर की। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पति की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के मुताबिक ग्राम चौरा निवासी झंगल बैगा ने 1 अगस्त को भोरमदेव थाने में अपनी पत्नी चैती बाई बैगा (28) के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार चैती बाई 26 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की।
फोरेंसिक टीम ने की घटनास्थल की जांच
तलाश के दौरान महिला के घर से करीब 200 मीटर दूर जंगल-झाड़ियों में एक सेन्हा पेड़ की डाली पर उसकी साड़ी का एक सिरा बंधा मिला। सूचना मिलते ही भोरमदेव थाना पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए।
जंगली जानवरों द्वारा शव क्षत-विक्षत किए जाने की आशंका
जांच के दौरान पेड़ के नीचे और आसपास के इलाके में मानव खोपड़ी, पसलियां और पैरों की हड्डियां अलग-अलग स्थानों पर बिखरी हुई मिलीं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि शव को जंगली जानवरों ने क्षत-विक्षत कर दिया होगा। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
रिपोर्ट आने के बाद खुलेगा मौत का रहस्य
पुलिस ने सभी मानव अवशेषों और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल कवर्धा भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।