दुर्ग। दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने भिलाई नगर निगम और भिलाई-चरोदा नगर निगम के दो तत्कालीन आयुक्तों के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष से विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है। यह शिकायत भिलाई नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त राजीव कुमार पांडेय और भिलाई-चरोदा नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त डीएस राजपूत के विरुद्ध की गई है।
सांसद का आरोप है कि दोनों अधिकारियों का जनप्रतिनिधियों के प्रति रवैया सहयोगात्मक नहीं था। उन्होंने कहा कि अधिकारी न तो फोन कॉल का जवाब देते थे और न ही जनहित से जुड़े मामलों में मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराते थे। शिकायत के बाद लोकसभा सचिवालय ने राज्य शासन से पूरे मामले में जवाब तलब किया है।
लंबे समय से कार्यशैली पर थी नाराजगी
दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में विजय बघेल ने कहा कि यह शिकायत किसी एक घटना को लेकर नहीं, बल्कि अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही कार्यशैली के कारण की गई है।
उनका कहना है कि दोनों अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देने से बचते थे और कई मामलों में मनमाने तरीके से निर्णय लेते थे।
बिना टेंडर विकास कार्य कराने का आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि नगर निगमों में कई विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी किए बिना शुरू कर दिए गए और बाद में उनका भुगतान भी कर दिया गया। इसके बाद औपचारिक रूप से टेंडर जारी किए गए।
उन्होंने कहा कि जब इन मामलों में जानकारी मांगी गई तो संबंधित अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
फोन कॉल तक नहीं करते थे रिसीव
विजय बघेल का आरोप है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद अधिकारी फोन नहीं उठाते थे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वच्छ भारत मिशन और 15वें वित्त आयोग की राशि से जुड़े कई कार्यों में भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। कई टेंडर पहले जारी किए गए, फिर निरस्त कर दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन इन मामलों में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया गया।
पार्षदों ने भी जताई थी नाराजगी
सांसद के अनुसार नगर निगमों के कामकाज को लेकर पहले भी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और कुछ मामलों की जांच अभी भी जारी है।
उन्होंने बताया कि कई पार्षद भी अधिकारियों के व्यवहार और कार्यप्रणाली से असंतुष्ट थे। पार्षद संतोष मौर्य भी विभिन्न मामलों में शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
18 मई को भेजी गई थी शिकायत
विजय बघेल ने बताया कि उन्होंने 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर पूरे मामले की शिकायत की थी। उनका कहना है कि यह मामला सांसद के विशेषाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा है।
शिकायत मिलने के बाद लोकसभा सचिवालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के माध्यम से राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अब सभी की निगाहें शासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि इससे पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि फोन पर बातचीत के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।


