रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को विकास कार्यों, अधिकारियों की जवाबदेही, तबादला नीति और कांग्रेस को लेकर कई अहम बयान दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए लगातार निगरानी कर रही है और जहां भी कार्यों में देरी हो रही है, वहां कारणों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
40 नगरीय निकायों के लिए जारी की गई विकास राशि
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि प्रदेश के 40 नगरीय निकायों में विकास कार्यों के लिए राशि जारी कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करना है। जिन परियोजनाओं की प्रगति धीमी है, उनकी विभागीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों का सम्मान करने की नसीहत
सांसदों द्वारा अधिकारियों के व्यवहार को लेकर उठाई गई शिकायतों पर अरुण साव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों का विशेष महत्व है और प्रशासनिक अधिकारियों को उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों का दायित्व है कि वे जनप्रतिनिधियों की बात गंभीरता से सुनें, समय पर जवाब दें और जनहित के मुद्दों पर सहयोग करें।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) पहले ही इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। यदि किसी अधिकारी के खिलाफ विशेष शिकायत सामने आती है तो सरकार उस पर उचित कार्रवाई करेगी।
तबादला नीति पर कांग्रेस को दिया जवाब
तीन वर्ष से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के तबादले संबंधी आदेश पर कांग्रेस की आलोचना का जवाब देते हुए अरुण साव ने कहा कि प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार समय-समय पर तबादले किए जाते हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में “तबादला उद्योग” चलने के आरोप लगते रहे हों, उसे इस विषय पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
उनके अनुसार, नियमित तबादलों से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होती है और सरकारी कार्यों में तेजी आती है।
भूपेश बघेल को लेकर भी साधा निशाना
पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ लगे ‘गो बैक’ के नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के भीतर ही लगातार मतभेद सामने आ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां भूपेश बघेल जा रहे हैं, वहां पार्टी के अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ रहे हैं और कांग्रेस के नेता आपसी खींचतान में उलझे हुए हैं।
कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर तंज
कांग्रेस द्वारा जिला और ब्लॉक स्तर पर नेताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने पर भी डिप्टी सीएम ने टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण देना अच्छी पहल है, लेकिन यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता ही आपसी विवादों में उलझे हों तो केवल निचले स्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देने से कोई विशेष परिणाम नहीं निकलेगा। कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के बीच चल रहे मतभेद समाप्त करने चाहिए।