एशियाई खेलों से पहले भारतीय कुश्ती दल को बड़ा झटका लगा है। 130 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग के पहलवान दीपांशु डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाते हुए भारतीय टीम से बाहर कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप में उनके खेलने की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।
दूसरी बार डोपिंग मामले में आए नाम
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पहला मौका नहीं है जब दीपांशु डोपिंग विवाद में फंसे हैं। इससे पहले भी वे राष्ट्रीय खेलों के दौरान डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे और उस मामले में उन पर प्रतिबंध लगाया गया था। प्रतिबंध की अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने दोबारा वापसी की और शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई थी।
विश्व चैंपियनशिप से पहले आई रिपोर्ट
दीपांशु राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा थे और विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए हंगरी जाने की तैयारी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उनका वीजा भी जारी हो चुका था, लेकिन इसी बीच डोप सैंपल की रिपोर्ट सामने आने के बाद उन्हें शिविर से बाहर कर दिया गया।
स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाए गए
जानकारी के अनुसार, प्रतियोगिता से बाहर लिए गए (Out-of-Competition) सैंपल की जांच में दीपांशु प्रतिबंधित स्टेरॉयड ‘स्टैनोजोलोल’ (Stanozolol) के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। नाडा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस (चार्जशीट) जारी कर दिया है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन पर लंबे समय या स्थायी प्रतिबंध की संभावना भी जताई जा रही है।
दीपांशु की जगह सोतक को मिला मौका
भारतीय कुश्ती महासंघ ने एशियाई खेलों के लिए दीपांशु की जगह सोतक को टीम में शामिल किया है। ट्रायल मुकाबले में सोतक दीपांशु से हार गए थे, लेकिन अब उन्हें भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
दीपांशु को इस भार वर्ग में भारत की मजबूत पदक उम्मीदों में गिना जा रहा था। ऐसे में उनके बाहर होने से ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारतीय चुनौती को बड़ा झटका लगा है।