अमेरिका के यूजीन में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की है। प्रतियोगिता के पहले ही दिन भारत के तीन एथलीट अपने-अपने इवेंट के फाइनल में पहुंचने में सफल रहे। पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में आशीष यादव और टी. धरणीधरन ने अंतिम दौर के लिए क्वालीफाई किया, जबकि महिलाओं के डिस्कस थ्रो में अमानत कंबोज ने सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया।
जेवलिन थ्रो में आशीष का दमदार प्रदर्शन
19 वर्षीय आशीष यादव ने क्वालिफिकेशन राउंड के ग्रुप-ए में 69.87 मीटर का थ्रो कर अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया। ओवरऑल रैंकिंग में वे दक्षिण अफ्रीका के जन-हेन्ड्रिक हेमंस के बाद दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क 72.50 मीटर था, जिसे केवल हेमंस ही पार कर सके।
वहीं भारत के दूसरे खिलाड़ी टी. धरणीधरन ने 68.07 मीटर का थ्रो करते हुए ग्रुप-बी में पांचवां स्थान प्राप्त किया। ओवरऑल रैंकिंग में वे 12वें स्थान पर रहे और अंतिम क्वालिफाइंग स्थान हासिल कर फाइनल में जगह बना ली। इस स्पर्धा का फाइनल शुक्रवार को खेला जाएगा।
अमानत कंबोज ने किया सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में अमानत कंबोज ने 52.58 मीटर का थ्रो कर इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वह अपने ग्रुप में छठे और ओवरऑल 12वें स्थान पर रहीं, जिससे उन्हें फाइनल में प्रवेश मिल गया। क्वालिफिकेशन चरण में चीन की सू यिशिन ने 58.06 मीटर के थ्रो के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
800 मीटर में वेंकटराम सेमीफाइनल में, उविन आनंद बाहर
पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में भारत के मोगाली वेंकटराम ने अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। उन्होंने 1 मिनट 52.81 सेकंड का समय निकाला।
दूसरी ओर उविन आनंद अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद अपनी हीट में सातवें स्थान पर रहे और ओवरऑल रैंकिंग में 30वें स्थान के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
मिक्स्ड 4×400 रिले में भारत का सफर समाप्त
पीयूष राज, तहुरा खातून, सैयद सबीर और थिया अरुमुगम की भारतीय टीम 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले में अपनी हीट में चौथे स्थान पर रही। टीम ने 3 मिनट 22.85 सेकंड का समय दर्ज किया, लेकिन ओवरऑल 11वें स्थान पर रहने के कारण फाइनल में जगह नहीं बना सकी।
गौरतलब है कि पिछले संस्करण में भारत ने इसी स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता था, लेकिन इस बार टीम पहले ही दौर में बाहर हो गई।
अब भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें जेवलिन और डिस्कस थ्रो के फाइनल मुकाबलों पर रहेंगी, जहां देश को पदक की उम्मीद है।