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जिंदगी की जंग हार गया तेंदुआ : कुएं से निकाला गया था सुरक्षित, दूषित पानी से फेफड़ों में संक्रमण की आशंका

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कांकेर। कांकेर जिले के सरोना वन परिक्षेत्र के ग्राम साईमुंडा में खुले कुएं से घंटों की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू किए गए तेंदुए की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों को भी स्तब्ध कर दिया है। रेस्क्यू के समय तेंदुए को सुरक्षित बचा लेने के बाद उसके स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन गुरुवार देर रात उसने दम तोड़ दिया। अब वन विभाग को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

दरअसल, ग्राम साईमुंडा निवासी किसान रमेश मरकाम के घर के पीछे स्थित खुले कुएं में गुरुवार 6 अगस्त की सुबह तेंदुआ गिरा दिखा। ग्रामीणों की सूचना पर सरोना वन परिक्षेत्र की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रायपुर से विशेष रेस्क्यू दल बुलाया गया। कई घंटों तक चले अभियान के दौरान विशेषज्ञों ने तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज कर सुरक्षित तरीके से कुएं से बाहर निकाला। पूरे अभियान के दौरान वन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सकों ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

कुएं का गंदा पानी पीने की आशंका
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तेंदुआ पूरी रात कुएं के ठंडे पानी में फंसा रहा था। आशंका है कि उसने कुएं का गंदा पानी भी पी लिया होगा, जिससे उसके शरीर का तापमान काफी गिर गया और उसकी हालत गंभीर हो गई। इस तरह से कयास लगाए गए। वन विभाग ने उम्मीद जताई थी कि, उपचार के बाद तेंदुए के पूरी तरह स्वस्थ होने पर शुक्रवार को उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। हालांकि उपचार के दौरान गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई।

तीन सदस्यीय चिकित्सक दल ने किया तेंदुए का पोस्टमार्टम
सरोना वन परिक्षेत्र के ग्राम साईमुंडा में रेस्क्यू के बाद उपचार के दौरान मृत हुए तेंदुए का शुक्रवार 7 अगस्त को तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया। वन विभाग के अनुसार पोस्टमार्टम दल में पशु चिकित्सक सहायक शल्यज्ञ डॉ. नवीन नरेटी (सरोना), डॉ. धर्मेंद्र कुर्रे (कांकेर) एवं डॉ. चित्रलेखा देव (नरहरपुर) शामिल रहे। चिकित्सकों ने बताया कि, तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग आगे की आवश्यक कार्रवाई करेगा।

पीएम रिपोर्ट से होगी मौत के कारणों की पुष्टि
खुले कुएं से रेस्क्यू किए गए तेंदुए की मौत को लेकर प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय तक ठंडे पानी में फंसे रहने और दूषित पानी पीने के कारण उसके फेफड़ों में पानी भर गया और संक्रमण की स्थिति बन गई, जिससे उसकी मौत हुई हो सकती है। हालांकि वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि, मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। पीएम की पूरी प्रक्रिया डीएफओ रौनक गोयल की निगरानी में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार संपन्न कराई गई।

तेंदुए का हुआ अंतिम निस्तारण
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के निर्धारित प्रावधानों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए तेंदुए का अंतिम निस्तारण किया गया। इस अवसर पर उड़नदस्ता प्रभारी कांकेर वृत्त धनलाल साहू, वन परिक्षेत्र अधिकारी सरोना बीएस सूर्यवंशी, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी हरीश कीड़ोपी, दिनेश कुमार श्रेय, विजय नेताम, मनीष इर्घट, मनोज वट्टी सहित वन अमला पूरी प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहा।

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