भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों में राष्ट्रव्यापी ‘इको केयर एवं आपदा प्रबंधन अभियान’ के अंतर्गत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से मानसिक एवं भावनात्मक सुदृढ़ता, सकारात्मक सोच तथा आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में मानसिक तैयारी पर केंद्रित विशेष संवाद एवं प्रेरक सत्रों का आयोजन किया गया।
कोक ओवन विभाग में आयोजित विशेष संवाद सत्र में कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक (कोक ओवन) श्री ओ.पी. भट्ट तथा विशिष्ट अतिथि वक्ता ब्रह्मकुमार श्री पीयूष जी, आंचलिक समन्वयक, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं ब्रह्मकुमारी सुश्री मयंक जी उपस्थित रहीं।
सत्र को संबोधित करते हुए ब्रह्मकुमार श्री पीयूष जी ने भावनात्मक सुदृढ़ता एवं संकट प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्मिकों को स्वस्फूर्त, ऊर्जावान एवं प्रसन्नचित रहते हुए संयंत्र तथा सेल की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक एवं भावनात्मक रूप से तैयार रहना हर चुनौती पर विजय प्राप्त करने की कुंजी है। उन्होंने सेल को ‘महारत्न’ से ‘विश्व रत्न’ की ओर ले जाने में प्रत्येक कार्मिक की सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, एम एंड यू कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित सत्र में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री बी के बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएं) श्री जे पी सिंह सहित एम एंड यू जोन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। इसी क्रम में स्टील मेल्टिंग शॉप-2 में भी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महाप्रबंधक (एसएमएस-2) श्री कौशल कांत तिवारी, श्री एस देबसिकदर, श्री कमल अहमद शेख एवं श्री सोवन मिश्रा सहित अन्य अधिकारीगण व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रमों में वक्ताओं ने मानसिक एवं भावनात्मक तैयारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संकट अथवा आपदा की स्थिति में केवल भौतिक संसाधन ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि शांत मन, सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन, आत्मबल और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही आवश्यक होती है। मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना अधिक धैर्य, आत्मविश्वास और प्रभावी ढंग से कर सकता है।
सत्रों के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना प्रत्येक नागरिक एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी है। जल का विवेकपूर्ण उपयोग, विद्युत ऊर्जा की बचत, सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार, पर्यावरण संरक्षण तथा भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सभी का ध्यान आकृष्ट किया गया। इन संदेशों के माध्यम से वक्ताओं ने पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता एवं जागरूक दृष्टिकोण अपनाते हुए जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रमों के दौरान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शांति, प्रसन्नता और सकारात्मकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों के समापन पर संक्षिप्त ध्यान सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें उपस्थित कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही।