रायपुर। छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी भर्तियों को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। नई प्रक्रिया में भर्ती को ज्यादा व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है। राज्य सरकार ने कर्मचारी चयन मंडल के जरिए इन पदों की भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत करने की दिशा में कदम उठाया है।
नई व्यवस्था में अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान ही पद, विभाग और नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी की प्राथमिकता तय करनी होगी। बाद में इसमें बदलाव की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थी का चयन उन्हीं पदों के लिए किया जाएगा, जिन्हें उसने अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल किया है।
जितने पद, उतने ही अंतिम चयन
नई चयन प्रक्रिया में अंतिम आबंटन सूची में विज्ञापित रिक्तियों की संख्या के बराबर ही अभ्यर्थियों का चयन होगा। इसमें लिखित परीक्षा के अंक, पद की प्राथमिकता और आरक्षण नियमों को आधार बनाया जाएगा।
जिन पदों पर लिखित परीक्षा के बाद कौशल या शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी, वहां वर्गवार रिक्तियों के अधिकतम 15 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए बुलाया जा सकता है। यह परीक्षा केवल क्वालिफाइंग होगी।
अब नहीं बनेगी वेटिंग लिस्ट
नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अंतिम चयन सूची जारी होने के बाद प्रतीक्षा सूची या रिजर्व सूची नहीं बनाई जाएगी। यानी निर्धारित रिक्तियों के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों की सूची ही अंतिम मानी जाएगी।
हर साल अगस्त में जारी होगा परीक्षा कैलेंडर
कर्मचारी चयन मंडल की ओर से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए हर साल अगस्त में परीक्षा कैलेंडर जारी करने की व्यवस्था की गई है। इससे अभ्यर्थियों को आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहले से समय मिल सकेगा।
दस्तावेज में देरी पड़ी भारी
अंतिम सूची में शामिल अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा में आधार प्रमाणीकरण और दस्तावेज अपलोड करने होंगे। दस्तावेज सत्यापन के दौरान कोई गलती मिलने पर दावा-आपत्ति का अवसर दिया जाएगा। निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर अभ्यर्थिता रद्द हो सकती है।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी अभ्यर्थी को तय अवधि में संबंधित कार्यालय में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करना होगा। समय पर उपस्थित नहीं होने पर पद रिक्त माना जा सकता है।
अभ्यर्थियों के लिए क्या बदला?
कुल मिलाकर नई व्यवस्था में आवेदन के समय सही पद चुनना, परीक्षा के सभी चरणों में समय पर शामिल होना और दस्तावेज समय पर जमा करना बेहद महत्वपूर्ण होगा। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, नियमित और समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।