कवर्धा। सावन के दूसरे सोमवार को अमरकंटक से भोरमदेव तक की 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा भक्ति और उत्साह के साथ शुरू हुई। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में 500 से अधिक कांवड़िए मां नर्मदा के उद्गम स्थल से पवित्र जल लेकर भोरमदेव के लिए रवाना हुए।
यात्रा की शुरुआत के दौरान ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। कांवड़ियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक भी यात्रा में शामिल हुए।
पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई यात्रा
अमरकंटक में मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर विधिवत पूजा और दर्शन के बाद विधायक भावना बोहरा ने कांवड़ में नर्मदा जल धारण किया। इसके बाद पदयात्रा शुरू हुई।
इस दौरान बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, पत्थलगांव विधायक गोमती साय और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
जंगल और दुर्गम रास्तों से गुजरेंगे कांवड़िए
अमरकंटक से भोरमदेव तक का सफर करीब 151 किलोमीटर का है। इस दौरान कांवड़िए जंगलों, पथरीले रास्तों और दुर्गम इलाकों से होकर गुजरेंगे। रास्ते में नदी-नालों को पार करते हुए श्रद्धालु करीब एक सप्ताह में भोरमदेव पहुंचेंगे।
यात्रियों के लिए अलग-अलग स्थानों पर पड़ाव और विश्राम की व्यवस्था भी की गई है।
भोरमदेव में होगा नर्मदा जल से जलाभिषेक
यात्रा का अंतिम पड़ाव भोरमदेव और जलेश्वर महादेव डोंगारिया होगा। यहां कांवड़िए अमरकंटक से लाए गए मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
यात्रा के रास्ते में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ियों के स्वागत की भी तैयारी की गई है।
लगातार दूसरी बार यात्रा में शामिल हुईं भावना बोहरा
विधायक भावना बोहरा लगातार दूसरे वर्ष इस कांवड़ यात्रा में शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा का जल लेकर भगवान भोलेनाथ के धाम तक पैदल पहुंचना उनके लिए आस्था और संकल्प का विषय है। उन्होंने यात्रा के माध्यम से क्षेत्र और छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
बैगा समाज के 15 लोग भी बने यात्रा का हिस्सा
इस बार बैगा समाज के 15 महिला-पुरुष भी कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कांवड़ में नर्मदा जल धारण कर भगवान शिव के जलाभिषेक का संकल्प लिया।
आयोजकों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। करीब एक सप्ताह तक चलने वाली इस पदयात्रा में ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा यात्रा मार्ग भक्तिमय नजर आएगा।